भोपाल: बैतूल अनुसंधान एवं विस्तार में पदस्थ रेंजर सुनील जैन और सागर सीसीएफ अनिल कुमार सिंह के बीच वार्तालाप का ऑडियो वायरल हो रहा है. इस ऑडियो वायरल में रेंजर सुनील जैन सीसीएफ को धमकाते हुए सुनाई दे रहे हैं कि ' मैंने नीमा को परेशान किया और सुबुद्धि भी परेशान हुए, आपको भी नहीं छोडूंगा.

ऑडियो वायरल होने के बाद अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया ने संज्ञान लेते हुए वन बल प्रमुख आर के गुप्ता को जांच के निर्देश दिए हैं. एसीएस के निर्देश पर गुप्ता ने जांच के लिए 2 सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है.

बैतूल अनुसंधान एवं विस्तार में पदस्थ रेंजर सुनील जैन का सर्विस ट्रैक रिकॉर्ड भी अच्छा नहीं है. कई अधिकारियों से भिड़ चुके हैं. सीहोर में पदस्थ रहते हुए इनके कृत्य के कारण वर्तमान एपीसीसीएफ और तत्कालीन डीएफओ यूके सुबुद्धि अभी तक लोकायुक्त जांच झेल रहे हैं.

अब रेंजर सुनील जैन और पूर्व में बैतूल अनुसंधान एवं विस्तार में पदस्थ रहे सीसीएफ अनिल कुमार सिंह (वर्तमान में सागर) से बातचीत का ऑडियो जंगल महकमे में तेजी से वायरल हो रहा है. यह ऑडियो अगस्त 22 माह की बताई जा रही है. 12 मिनट के ऑडियो में सुनील जैन सीसीएफ अनिल सिंह को खुली चुनौती देते हुए यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि 'आप स्टाफ को पैसे के लिए बुला रहे हो. न तो पूरा पेमेंट कर रहे हो और नर्सरी का पेमेंट कम दरों से कर रहे हो. मैं अपने किसी भी नर्सरी से पेमेंट नहीं होने दूंगा.

आपके खिलाफ में एफआईआर दर्ज करा रहा हूं. लोकायुक्त में आपको ऐसा उलझाऊंगा कि आप कल्पना भी नहीं कर पाओगे. भाड़ में जाए नौकरी साल भर बची है. आपने निशुल्क पौधे बंटवाया और बांस के राईजेम गायब करवा दिए, उसकी वसूली करवाऊंगा. लोकायुक्त ने बुलाया था. मैं अपने बयान दर्ज करा आया हूं..! इस पूरे ऑडियो में सी सीएफ अनिल सिंह की दो बार ही आवाज सुनाई दी, जिसमें वह सिर्फ दो बार यह कहते हुए सुने गए ठीक है करवा लेना.

जांच के लिए बनाई गई कमेटी-

अपर मुख्य सचिव कंसोटिया के निर्देश पर वन बल प्रमुख आरके गुप्ता ने 2 सदस्य जांच कमेटी गठित की है. अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ग्रीन इंडिया मिशन एसपी शर्मा और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्य आयोजना क्षेत्रीय श्रीमती कोमोलिका मोहंता को शामिल किया गया है. जांच कमेटी ऑडियो की सत्यता और चर्चा के बिंदुओं पर जांच करेगी.

बैतूल अनुसंधान एवं विस्तार में गड़बड़झाला-

ऑडियो से यह स्पष्ट हो गया कि बैतूल अनुसंधान एवं विस्तार में गड़बड़झाला है. आरएंडी में पदस्थ रहते हुए सुनील जैन के खिलाफ कई गंभीर शिकायतें भी शिकायत एवं सतर्कता शाखा से की गई किंतु राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते कोई बड़ी कार्यवाही नहीं हुई. सागौन बीज खरीदी को लेकर सीसीएफ एके सिंह रेंजर जैन के खिलाफ विभाग जांच शुरू करा दी थी. मैदानी अमला बताता है कि मजदूरों के भुगतान में बड़ी हेरफेर होती आ रही है.

रेंजर खिलाफ कर्मचारियों में असंतोष-

रेंजर सुनील जैन के खिलाफ स्थानीय कर्मचारियों ने भी मोर्चा खोल दिया है. कर्मचारियों का आरोप है कि जैन राजनीतिक रसूख रखते हैं और कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित भी करते हैं. मुख्य वन संरक्षक बैतूल को सौपे गए ज्ञापन में कर्मचारियों का यह भी आरोप है रेंजर सुनील जैन 5 साल से पदस्थ हैं.

अपने प्रभाव वाली नर्सरियों में मातहत कर्मचारियों पर दबाव डालकर फर्जी प्रमाणिक तैयार करवाते आ रहे हैं और फर्जी प्रमाण के भुगतान कराने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों पर दबाव बनाए जा रहे हैं. 2021 में इनके खिलाफ जांच बैठाई गई थी. जांच में गड़बड़ी पाए जाने के बाद भी खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई. गंभीर जनक पहलू यह है कि सुनील जैन के खिलाफ कार्रवाई करने संबंधित नोटशीट मंत्रालय से गायब होना बताई जा रही है.

जांच कराने के दिए निर्देश-

जेएन कंसोटिया, एसीएस वन का कहना है कि 'ऑडियो मैंने भी सुना है. मैंने वन बल प्रमुख को जांच कराने के निर्देश दिए हैं. जांच प्रतिवेदन आने के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी.'

अनिल कुमार सिंह सीसीएफ सागर का कहना है कि 'मैं रेंजर के खिलाफ मानहानि का नोटिस दूंगा. पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर उसके खिलाफ ब्लैकमेलिंग का अपराध दर्ज कराऊंगा.'