निगम-मंडलों के पैरवी करने वाले वकीलों के मानदेय के लिये नये आदेश जारी


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स्टोरी हाइलाइट्स

जारी आदेश में कहा गया है कि प्रदेश के सरकारी उपक्रम, निगम एवं मंडल, में नियुक्त अधिवक्ता, जो कि उच्च न्यायालयों में पैरवी करने हेतु नियुक्त किये गये हैं, उक्त अधिवक्ताओं के मानदेय /फीस के संबंध में समरूपता लाने के उद्देश्य से आठ बिन्दुओं अनुसार कार्यवाही करना होगी।

भोपाल। राज्य के विधि विभाग ने प्रदेश के निगम-मंडलों के मुकदमों में पैरवी करने वाले वकीलों के मानदेय के लिये नये आदेश जारी किये हैं। विधि विभाग के सचिव सतीश चन्द्र शर्मा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि प्रदेश के सरकारी उपक्रम, निगम एवं मंडल, में नियुक्त अधिवक्ता, जो कि उच्च न्यायालयों में पैरवी करने हेतु नियुक्त किये गये हैं, उक्त अधिवक्ताओं के मानदेय /फीस के संबंध में समरूपता लाने के उद्देश्य से आठ बिन्दुओं अनुसार कार्यवाही करना होगी।

1. संबंधित संस्था का सक्षम अधिकारी उच्च न्यायालय में प्रस्तुत होने वाले मामलों में समुचित पक्ष समर्थन के लिए अधिवक्ताओं का एक पैनल तैयार करेगा। आवश्यतानुसार पैनल में नाम जोड़े तथा घटाए जा सकेगें।

2. सक्षम अधिकारी द्वारा प्रत्येक मामले में पक्ष समर्थन के लिए अधिवक्ता नामित किया जावेगा। प्रकरण में नामित अधिवक्ता द्वारा स्वयं पैरवी की जावेगी। आवश्यकता पडऩे पर सक्षम अधिकारी पैनल से अन्य अधिवक्ता का चयन कर उसे पक्ष समर्थन करने के लिए भी नियुक्त कर सकेगा।

3. नामित अधिवक्ता द्वारा प्रत्येक पेशी की कार्यवाही की सूचना संस्था को मेल से अथवा अन्य माध्यम से अविलम्ब प्रेषित की जावेगी।

4. संस्था के विरूद्ध अंतरिम अथवा अंतिम आदेश एवं उस आदेश के फलस्वरूप की जाने वाली प्रस्तावित कार्यवाही की लिखित सूचना भी नामित अधिवक्ता द्वारा संस्था को भेजी जावेगी।

5.संस्था द्वारा पैनल अधिवक्ताओं को प्रति प्रकरण एकमुश्त फीस/पारिश्रमिक का निर्धारण किया जायेगा। सामान्य प्रकरणों में पैनल अधिवक्ताओं की सेवाओं का उपयोग किया जावे। ऐसे प्रकरण जिसमें महत्वपूर्ण विधि अथवा नीतिगत विषय निहित हो, में उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता की सेवायें ली जा सकेगंी।

6. ऐसे प्रकरणों में भी देय फीस/पारिश्रमिक एक मुश्त निर्धारित किया जावे। प्रकरण के महत्व को देखते हुए ऐसे प्रकरणों में यथोचित फीस का निर्धारण संस्था द्वारा किया जायेगा।

7. यह आदेश उन सभी अधिवक्ताओं पर लागू होगा, भले ऐसे अधिवक्ता निजी वकालत करते हो अथवा शासन द्वारा किसी भी पदनाम से नियुक्त किये गये हो।

8. समस्त प्रशासकीय विभाग उक्त आदेश का पालन करने के निर्देश विभाग के अधीन कार्यरत निगम/मंडल/उपक्रमों को जारी करें।