धार में रिसता बांधः जागती आंखों में कटी रात, मोर्चे पर सेना, प्रशासन सतर्क


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स्टोरी हाइलाइट्स

12 घंटे से रेस्क्यू और मरम्मत जारी, अब भी बना हुआ है डेम के फूटने का खतरा,एयरफोर्स अलर्ट..!

धरमपुरी ब्लॉक स्थित भारुडपुरा घाट स्थित ग्राम कोठिदा में कारम नदी पर बन रहे डेम के रिसाव की मरम्मत को 24घंटे बीत चुके है। लेकिन मरम्मत में आने वाली अडचनों का अंत नहीं हो रहा है। बीती रात 2 बजे सेना की टीम ने मोर्चा संभाला तथा सेना की इंजीनियरिंग विंग ने डेम पर जल संसाधन विभाग की टीम के इंजीनियरों के साथ मरम्मत शुरु की। पूरी कोशिश यह है कि किसी भी तरह से डेम को फूटने से बचाया जाए। इसलिये वैकल्पिक चैनल बनाकर डेम का पानी निकालने की मशक्कत चल रही है। इसके लिए पांच पौकलेन 15 घंटे से काम कर रही है। इधर राजधानी में इसे लेकर सियासी तानों के बीच सीएम शिवराज सिंह चौहान ने आज हालातों को समझने बैठक की। वे मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष पहुंचे और सबसे पहले जन सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए काम के निर्देश दिये।

चार साल से बन रहा डैम

कारम नदी पर बन रहे डेम का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू हुआ। इसके काम में गड़बड़ी की शिकायतें तमाम स्तरों पर की गई। घटिया निर्माण की शिकायत धार से भोपाल तक भी पहुंची। लेकिन सुध नहीं ली गई। अब इसका खामियाजा आज 12 गांव की करीब 40 हजार आबादी को भुगतना पड रहा है। लोगों को अपना घर बार छोड़कर पहाड़ों, धर्मशालाओं और स्कूलों में शरण लेना पड़ी है। जिंदगी भर की जमा पूंजी, घर बार और सामान सब कुछ गांव में पीछे छूट गया है। खेतों की फसलों से लेकर घर आंगन सूने पड़े हैं। हालात चिंताजनक होने के कारण 18 घंटों से कलेक्टर पंकज जैन, एसपी आदित्य प्रताप सिंह डेम पर मौजूद है। 

ग्रामीणों की आंखों में नहीं नींद

बाढ़ के अलर्ट के कारण धार खरगोन के 12 गांव खाली करवाए गए। लेकिन शुक्रवार को रात होते ही ग्रामीण दोबारा घरों की ओर लौटने लगे। ऐसे में एसटीएफ की कंपनियां गांवों में तैनात की गई। इन गांवों में धारा 144 लगी है।बमुश्किल दोबारा सुरक्षित स्थानों पर लोग शिफ्ट हुए। अधिकांश लोगों को धामनोद शिफ्ट किया गया है। कैंप में रातभर ग्रामीण नींद का इंतजार करते रह गए और चिंता में पूरी रात कट गई।

12 घंटे में 6 घंटे बंद रहा एबी रोड

राऊ खलघाट से होकर गुजर रख मुंबई आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पहली बार बाट के खतरे के चलते बंद करना पड़ा। यह पहला मौका था जब नेशनल हाईवे को बंद किया गया। साथ ही 12 घंटे में दो बार वाहनों की आवाजाही रोकते हुए 6 घंटे ट्रैफिक बंद रहा। रात करीब दो बजे बाढ़ का खतरा बढ़ा तो दूसरी बार ट्रैफिक रोक दिया गया था। 

यूं चल रहा सेना का ऑपरेशन

सरकार ने सेना की भी मदद ली है। पांच कंपनियां बुलवाई गई है, जो रात २ बजे से मौजूद है। एसटीएफ को भी गांवों में तैनात किया गया है। ताकि डाउन स्ट्रीम वाले एरिया में आने वाले गांव में लोग बेवजह न घूमे और घरों की तरफ दोबारा आने न लगे । भारी पुलिस बल भी लगाया गया है।

सीएम शिवराज एक्शन में, कलेक्टर को समझाइश 

मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रिसाव की सूचना मिलते ही कमिश्नर इंदौर सहित संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव को आवश्यक निर्देश दिए हैं। आज बैठक में आज बताया गया 17 ग्राम और 25 बसाहट रिक्त करवाने की स्थिति बन सकती है जिसकी आवश्यक तैयारी की गई है।धार से मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट को मौके पर जाने के निर्देश दिए गये हैं। शिवराज ने अफसरों से कहा है कि आम जनता को सुरक्षित निकाल कर ले जाए। यह हमारा परीक्षा की घडी है। पूरी हिम्मत से लगे रहे । जनता और मवेशियों की जीवन रक्षा प्राथमिकता है। जीवन में कभी कभी ऐसे क्षण आते हैं जब हमें सामने आकर कठिनाइयों से लड़ना पड़ता है।

टेंडर से सुर्खियों में है कारम डेम

प्रदेश में ई टेंडर घोटाले के दौरान इस 304.44 करोड़; की कारम मध्यम सिंचाई परियोजना पहली बार सुर्खियों में आई थी।ई टेंडर जारी होने के बावजूद अपनों को टेंडर दिलवाने के लिए प्रक्रिया में घोटाला हुआ। उसमें कारम प्रोजेक्ट भी शामिल था। इस कारण घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू यानी आर्थिक अपराध प्रकोष्ट भोपाल द्वारा की गई थी। इसकी जानकारी खुद मंत्री सिलावट ने विपक्ष के विधायक जीतू पटवारी के सवाल के जवाब में विधानसभा में दी थी। विभागीय मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता बांध को फूटने से बचाकर मरम्मत करवाना है। एक जांच कमेटी भी बनाने के निर्देश दिए है।

सरकारी सफाई मिट्टी स्लिप होने से यह हालात

निर्माणाधीन बांध के राइट साइड कनचहं 500-530 के मध्य डाउन स्ट्रीम की मिट्टी स्लिप हो जाने से बांध को खतरा बना होने की स्थिति निर्मित हुई। उक्त बांध की लम्बाई 590 मीटर और ऊंचाई 52 मीटर है और वर्तमान में 15 षभष पानी उक्त बांध में है। वरिष्ट अधिकारी मौके पर हैं। ऐहतियातन 12 गांव और खरगोन के 6 गांवों को खाली कराया व सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। 2 हेलिकॉप्टर और आर्मी की एक कम्पनी रिक्विजिशन कर स्टैंडबाई पर है ।बांध को सुरक्षित रखे जाने के लिए कार्य किया जा रहा है।