भोपाल : प्रदेश में अब मादक पदार्थों की गिरफ्त में आये किशोरों के लिये नशामुक्ति केंद्र खोले जायेंगे। इसके लिये सामाजिक न्याय विभाग ने तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये थे कि वृहद स्तर पर नशामुक्ति कार्यक्रम संचालित किया जाए। इसके लिये सामाजिक न्याय विभाग कार्ययोजना बनाने का कार्य करे।
इस पर विभाग ने नशामुक्ति कार्यक्रम की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है। इसमें किशोरों खासतौर पर मदाक पदार्थ का सेवन करने वाले स्कूली बच्चों के लिये अलग से नशामुक्ति केंद्र खोले जाने हैं। वर्तमान में प्रदेश में युवाओं एवं अन्य बड़े व्यक्तियों के लिये नशामुक्ति केंद्र संचालित हैं परन्तु किशोरों के लिये कोई नशामुक्ति केंद्र नहीं हैं। अब इनके लिये भी एनजीओ के माध्यम से ये केंद्र खोले जायेंगे जिसके लिये राज्य सरकार अनुदान देगी।
सीएम लेंगे नशामुक्ति को लेकर बैठक :
मुख्यमंत्री इसी माह के द्वितीय सप्ताह में विभागीय समीक्षा बैठक में नशामुक्त मप्र अभियान की विस्तृत समीक्षा करने जा रहे हैं। सामाजिक न्याय विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि जिला एवं अनुभाग स्तर पर समितियों का तत्काल गठन किया जाये। पुलिस विभाग के माध्यम से हाटस्पाट्स का चिंहाकंन किया जाये। अपने जिले में नशा पीडि़त व्यक्तियों के उपचार, पुनर्वास केन्द्रों का चिन्हाकंन एवं उन्हें सूचीबद्ध किया जाये।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में नशामुक्ति के लिये विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई है तथा इसके तहत किशोरों के लिये भी नशमुक्ति केंद्र खोले जायेंगे ताकि नीचले स्तर से भी इस सामाजिक बुराई को रोका जा सके और किशोरों का भविष्य बर्बाद होने से बचाया जा सके।