भोपाल: राज्य के कृषि विभाग ने तेरह साल पहले बने मप्र कृषि उपज मंडी (एक से अधिक मंडी क्षेत्रों के लिये विशेष अनुमति) नियम 2009 में बदलाव कर दिया है जिसके तहत अब निर्यातक भी कृषि उपज मंडियों से कृषि उपजों की खरीदी कर सकेंगे तथा उन्हें मात्र एक हजार रुपये अदा कर यह लायसेंस मिल जायेगा। इस नियम के तहत व्यापारियों एवं प्रसंस्करणकर्ताओं को ऐसे लायसेंस के लिये पूर्ववत बीस हजार रुपये शुल्क देने होंगे।
उक्त बदलाव प्रदेश में कृषि उपजों के निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिये किया गया है। हालांकि अभी निर्यात बंद है परन्तु पहले जो निर्यात हुये हैं और उसके तहत कृषि उपज मंडियों से मंडी फीस अदा कर जो खरीदी की गई है उसकी भरपाई का भी इस बदलाव में प्रावधान किया गया है। निर्यातकों को लायसेंस प्राप्त करने के लिये राज्य मंडी बोर्ड को पांच साल की बैंक गारंटी भी करना होगी। निर्यातक को क्रय केंद्र स्थापित करने की बाध्यता भी नहीं रहेगी। निर्यातक को कम से कम सौ मीट्रिक टन कृषि उपजों का निर्यात करना होगा।