भोपाल। राज्यभर में म.प्र. ग्रामीण सडक़ विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई एवं बनाई जा रही ग्रामीण सडक़ों में अब रोड कटिंग बिना अनुमति के नहीं हो सकेगी और ऐसा करने पर एफआईआर दर्ज की जायेगी।
यह रोड कटिंग जल-मल एवं अन्य परियोजनाओं हेतु पाईप लाईन बिछाने आदि में होती है। केंद्र/राज्य शासन, अर्ध सरकारी संस्थान, स्थानीय निकाय, निजी कंपनी आदि सभी पर ये प्रावधान लागू होंगे।
बिना अनुमति रोड कटिंग करने पर महाप्रबंधक पीआईयू लोक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 एवं बीएनएस की धारा 324 बी के तहत एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही कर सकेंगे।
रोड कटिंग करने वाले संस्था रीस्टोरेशन का कार्य स्वयं या प्राधिकरण से भी करा सकेगी जिसका व्यय उसे अदा करना होगा। इस संबंध में राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने नये दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं।
डॉ. नवीन आनंद जोशी