भोपाल: राज्य के परिवहन विभाग ने ऑटो रिक्शा विनियमन योजना लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी। दरअसल इस योजना के प्रारुप नियम 27 मार्च 2021 को जारी किये गये थे जिसमें आम जनता से पन्द्रह दिन के अंदर दावे एवं आपत्तियां मांगी गई थीं।
इन प्रारुप नियमों में परमिट देने के लिये चार मापदण्डों का भी उल्लेख किया गया था जिसमें शामिल थे: विनिर्माण वर्ष से 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल/पैट्रोल चलित ऑटो रिक्शा का किसी भी मार्ग पर परमिट स्वीकृत नहीं किया जायेगा, परमिट वाले डीजल/पैट्रोल चलित ऑटो रिक्शा जो विनिर्माण वर्ष से 10 वर्ष अधिक पुराने होंगे, के परमिट पर सीएनजी ऑटो रिक्शा को प्रतिस्थापित कराया जायेगा, अधिकतम 40 किलोमीटर प्रति घण्टे की गति को नियंत्रित करने हेतु अधिकृत गति नियंत्रक लगाया जायेगा तथा सभी ऑटो रिक्शा में व्हीकल ट्रेकिंग डिवाइस लगा होगा जोकि परिवहन विभाग के सेन्ट्रल सर्वर से इन्टीग्रेशन अनिवार्य होगा।
लेकिन अब 19 माह बाद परिवहन विभाग ने उक्त योजना को लागू करने में, उसके नियमों में उक्त चारों मापदण्ड हटा दिये हैं। लागू उक्त योजना के नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि शहरी तथा गैर शहरी क्षेत्रों हेतु पृथक-पृथक परमिट दिये जायेंगे और ऑटो रिक्शा को ऐसे परमिट पर संचालन के लिये अलग से कलर कोडिंग दी जायेगी।
कलर कोडिंग को परमिट का अभिन्न अंग माना जायेगा जिसका उल्लंघन करने पर ऐसे ऑटो रिक्शा का परमिट रद्द कर दिया जायेगा। कलर कोडिंग के अंतर्गत शहरी क्षेत्र के लिये इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा या सीएनजी/बायो ईंधन से संचालित ऑटो रिक्शा के लिये पीला हुड और ग्रीन बॉडी एवं पैट्रोल/डीजल से संचालित ऑटो रिक्शा के लिये पीला हुड और काली बॉडी होगी जबकि शहरी क्षेत्र से भिन्न क्षेत्र के लिये ऑटो रिक्शा में पीला हुड और लाल बॉडी होगी।