भोपाल: प्रदेश में अब नजूल भूमि निर्वर्तन निर्देश का द्वितीय संस्करण लागू होगा। इसके लिये राजस्व विभाग ने नये सिरे से सभी संशोधनों को शामिल कर द्वितीय संस्करण जारी किया है।

उल्लेखनीय है कि पहले वर्ष 2020 में इन निर्देशों का प्रथम संस्करण जारी किया गया था। परन्तु इसके बाद इसमें कई संशोधन किये गये। इसलिये अब सभी संशोधनों को समाहित कर द्वितीय संस्करण जारी किया गया है। द्वितीय संस्करण में नौ अध्यायओं के अंतर्गत विभिन्न प्रावधान किये गये हैं।

ये नये प्रावधान शामिल किये गये:

द्वितीय संस्करण में शामिल किया गया है कि राज्य सरकार की किसी योजना अंतर्गत सक्षम स्तर से, ऐसी योजना में निर्धारित प्रक्रिया अनुसार, भूमि के निर्वर्तन के मामले में ये निर्देश लागू नहीं होंगे। इसी प्रकार, न्ररीय निकायों को सार्वजनिक प्रयोजन के लिये अब बस स्टेण्ड की नजूल भूमि का भी स्वामित्व दिया जायेगा तथा इस पर कोई प्रीमीयम नहीं लिया जायेगा।

पहले ऐसी भूमियां जिन पर योजना बनाकर निर्माण करने से नियमित आय होती है जैसे मार्केट, कॉम्पलेक्स आदि में से बस स्टेण्ड हटा दिया गया है तथा अब ऐसी भूमि पर 50 प्रतिशत प्रीमीयम वसूमला जायेगा। इसी प्रकार, नये निर्देश में राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड चार क्रमांक 3 एवं खण्ड चार क्रमांक 3 ए तथा उससे संबंधित समय-समय पर जारी निर्देश, हिदायतें एवं परिपत्र लागू नहीं होंगे यानि इनका निरसन कर दिया गया है।