भोपाल: प्रदेश में अब मप्र या अन्य राज्यों से क्रय किये गये कोयले को लायसेंसी गोदाम तक पहुंचाने का सत्यापन ऑनलाईन आवेदन से होगा। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस यानि सहज व्यवसाय के तहत यह नवीन व्यवस्था राज्य के खनिज विभाग ने की है। इससे पहले यह व्यवस्था मेनुअल थी।
खनिज संचालक द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को इस नवीन व्यवस्था से अवगत करा दिया गया है। नवीन व्यवस्था के अनुसार, अनुज्ञप्तिधारी मप्र या अन्य राज्यों से खरीदे गये कोयले की मात्रा को ई-खनिज पोर्टल पर अपने स्टॉक में जुड़वाने हेतु 24 घण्टे के भीतर खनि अधिकारी को ऑनलाईन आवेदन पत्र प्रस्तुत करेगा। खनि अधिकारी द्वारा 24 घण्टे के भीतर स्वयं अथवा उनके द्वारा अधिकृत खनि निरीक्षक या उसके समतुल्य अधिकारी कर्मचारी को स्टॉक परीक्षण/भौतिक सत्यापन हेतु स्टॉक स्थल पर भेजा जावेगा।
खनि निरीक्षक के निरीक्षण के समय अनुज्ञप्तिधारी खरीदे गये खनिज के समस्त दस्तावेज (ई-टीपी/रेलवे पास) प्रस्तुत करेगा। खनि निरीक्षक द्वारा स्टॉक एवं दस्तावेजो के सत्यापन उपरांत 48 घण्टे के भीतर रिपोर्ट तैयार कर पोर्टल पर अपलोड करना होगा। खनि निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर खनि अधिकारी मात्रा जोडऩे हेतु कलेक्टर से अनुमोदन प्राप्त करेंगे।
इसके बाद खनि निरीक्षक की सत्यापेन रिपोर्ट एवं कलेक्टर के अनुमोदन उपरांत खनि अधिकारी द्वारा ई-खनिज पोर्टल पर अपने लॉगिन से खनिज की मात्रा दर्ज करने की कार्यवाही करेगा। संचालक स्तर पर मॉनिट्रिंग हेतु एमआईएस जनरेट की जावेगी जिसके द्वारा निगरानी रखी जावेगी।