28 संजीवनी केंद्रों में से सिर्फ 3 हुये आउटसोर्स


Image Credit : X

स्टोरी हाइलाइट्स

भोपाल, रीवा एवं ग्वालियर ही निजी हाथों में..!!

भोपाल: प्रदेश में वन विभाग के लघु वनोपज संघ द्वारा प्रसंस्कृत आयुर्वेदिक एवं हर्बल उत्पादों के विक्रय हेतु 28 संजीवजी केंद्र संचालित किये जा रहे हैं परन्तु इनमें से सिर्फ केंद्रों यथा भोपाल, रीवा एवं ग्वालियर को ही आउटसोर्स यानी निजी हाथों में दिया गया है। विभाग के अपर मुख्य सचिव जेएन कांसोटिया ने शेष केंद्रों को भी निविदा के जरिये आउटसोर्स करने के निर्देश दिये हैं।

उल्लेखनीय है कि इन संजीवनी केंद्रों में रोगियों को आयुर्वेदिक चिकित्सा परामर्श भी प्रदान किया जाता है जिससे न केवल आम जन लाभान्वित हो रहे हैं बल्कि भारतीय चिकित्सा पद्धति को भी बढ़ावा मिल रहा है। इन केंद्रों में पंजीकृत चिकित्सीय परामर्शदाताओं के बैठने की भी व्यवस्था रहती है।

प्राप्त अधिकृत जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023-24 में आउटसोर्स केंद्र रीवा को 65 हजार 723 रुपये, भोपाल को 4 लाख 80 हजार 735 रुपये एवं ग्वालियर को कोई लाभ नहीं हुआ है। इसी प्रकार, बिना आउटसोर्स वाले केंद्र औबेदुल्लागंज, उज्जैन, देवास, जबलपुर, बड़वानी, खंडवा, ओंकारेश्वर, बुरहानपुर, खरगोन, पश्चिम सीधी, सतना, बालाघाट, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, उत्तर पन्ना, दक्षिण सिवनी, नर्मदापुरम, दक्षिण सागर, इंदौर, डिण्डौरी, छतरपुर एवं अनूपपुर एवं तीन अन्य केंद्र तथा नई दिल्ली में भी केंद्र संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों में वन धन केंद्रों में बनी वस्तुओं की भी बिक्री की जा रही है।