MP New CM Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री का नाम विधायक दल की बैठक में तय होने के बाद अब कल (13 दिसंबर) राजधानी भोपाल के नेहरू स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह होगा. जिसमें मोहन यादव मुख्यमंत्री, राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा डिप्टी सीएम पद की शपथ ले सकते हैं.

शपथ ग्रहण समारोह में कई ख़ास मेहमान भी शामिल होंगे. ख़बरों के मुताबिक, इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे. हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई हैं. एमपी के नए सीएम की ताजपोशी की तैयारी काफी जोरों पर हैं. कल तक जो विधायकों के साथ सबसे पीछे की पायदान में बैठा नज़र आता था अब वो प्रदेश की कमान संभालने जा रहा हैं.

इस नाम के ऐलान के बाद एक कहावत याद आ जाती हैं कि “बीजेपी में जो दिखता है वो होता नहीं और जो होता है वो शायद कभी दिखता ही नहीं”. इसका सीधा सा उदाहरण यही है कि 20 साल पहले जिस मोहन यादव का टिकट बीजेपी ने काटा था, अब उसे ही प्रदेश का नया सीएम बना दिया. चलिए, टिकट कटने से लेकर मुख्यमंत्री बनने तक के सफ़र पर आते हैं.
BJP ने 20 साल पहले काटा था टिकट-
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता से शुरूआत कर राजनीति में मजबूत पकड़ बनाने वाले मोहन यादव को साल 2003 में बीजेपी ने उज्जैन की बड़नगर सीट से टिकट दिया था. परंतु, उस समय के मौजूदा विधायक शांतिलाल धाबाई और उनके समर्थकों ने यादव का जमकर विरोध किया.
राजनीतिक गलियारों से लेकर मीडिया हेडलाइंस तक में विरोध की चर्चा सुनाई देने लगी थी. जिसके बाद बीजेपी ने तुरंत मोहन यादव का टिकट काट दिया. हालांकि, यादव ने पार्टी के इस फैसले का सम्मान किया और बीजेपी की जीत के लिए काम में जुट गए थे.
फिर 2013 में मिला टिकट, बने विधायक-
बड़नगर सीट से टिकट कटने के बाद मोहन यादव की सक्रियता उज्जैन दक्षिण विधानसभा में दिखाई देने लगी थी. फिर लंबे समय बाद पार्टी ने साल 2013 में उन्हें इसी सीट से टिकट दिया. जिसके बाद पहली बार उज्जैन दक्षिण सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने.
बढ़ते समय के साथ संगठन में उनकी पकड़ भी मजबूत होती चली गई. साल 2018 में दूसरी बार विधायक बने, मगर उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी. हालांकि, दो साल के अंदर ही ज्योतिरादित्य सिंधिया की बग़ावत के कारण कमलनाथ सरकार गिर गई. फिर साल 2020 में शिवराज सरकार में मोहन यादव को उच्च शिक्षा मंत्री बनाया गया.

इसी साल तीसरी बार 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें उसी सीट से मैदान में उतारा और जीत का सिलसिला लगातार कायम रहा. संगठन में जमीन से जुड़ा नेता होने के कारण मालवा-निमाड़ अंचल से आने वाले ओबीसी वर्ग के नेता मोहन यादव पर बीजेपी ने अब भरोसा जताते हुए प्रदेश की बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी हैं.