MP Politics: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक तरफ जहां मौसम में बदलाव के बाद ठंडी हवाएं शुरू हो गई है. तो वहीं, दूसरी तरह चुनावी साल में सियासत काफी गरम दिखाई दे रहीं हैं. इसी साल प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं. अब चुनावी उलटी गिनती भी शुरू हो चुकी है. ऐसे में रोजाना मौसम की तरह ही सियासत में भी बदलाव साफ दिखाई दे रहा है.

ये बदलाव इसलिए क्योंकि अब सियासी बयानबाजियों के बीच राजधानी भोपाल में पोस्टर वार शुरू हो चुका है. आज सुबह शाहपुरा इलाके में लगे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पोस्टर से सियासी पारा चढ़ा हुआ है. ये पोस्टर सियासी गलियारों में इसलिए चर्चाओं में हैं क्योंकि इसमें कमलनाथ को वॉन्टेड और ‘करप्शन नाथ’ तक बता दिया गया. साथ ही पोस्टर में एक बार कोड भी दिखाई दे रहा है.

मोबाइल से बारकोड स्कैन करने पर वीडियो शुरू होता हैं. कोड से पहले पोस्टर में लिखा हुआ है- करप्शन नाथ के कांड जानें. इसके अवाला पोस्टर और स्कैन वीडियो में कमलनाथ सरकार के 15 महीनों का जिक्र करते हुए घोटालों की बात कही गई है. फ़िलहाल, ये पोस्टर किसने लगाये हैं यह तो जांच का विषय हैं लेकिन हां कांग्रेस ने बीजेपी पर पोस्टर लगाने का आरोप लगाया हैं.

कांग्रेस मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले ने ट्वीट करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की है कि मुख्यमंत्री अपनी ओर से कार्यवाही करते हुए ऐसे पोस्टर लगाने वालों को गिरफ्तार करें और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दें. वहीं, अब कांग्रेस की इस मांग पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार किया हैं.

गृह मंत्री बोले- फटा पोस्टर निकला जीरो

नरोत्तम मिश्रा ने पत्रकार के पोस्टर पर जांच वाले सवाल के जवाब में कहा कि अब थाने जाने के पहले विचार करो की कबिलों के कुनबे की कलह तो नहीं आ गई फुट-फुट के बाहर. वो, एक था ना फटा पोस्टर निकला जीरो. कमोबेश वहीं है, जो सामने आता जा रहा है. इसलिए विचार करें कांग्रेस के मित्र थाने जाने से पहले की कोई आस्तीन का साँप ही तो नहीं हैं.

फ़िलहाल, एमपी में चुनावी समय काफी नजदीक है. ऐसे में सियासी बयानबाजी और पोस्टर वार तो शायद आगे भी दिखाई दें जाएँ. लेकिन हाँ, तमाम दावों-वादों के बीच कौन सत्ता की दहलीज चढ़ेगा या नहीं, ये सिर्फ और सिर्फ मध्य प्रदेश की जनता ही तय करेगी.