प्रियानाथ का फूटा गुस्सा, कहा “जिन्हें अपना समझा उन्होंने अग्नि परीक्षा के समय धोखा दिया..”


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स्टोरी हाइलाइट्स

यूं तो सभी पार्टियों की ओर से जोर-शोर से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, लेकिन पूर्व सीएम कमलनाथ का पूरा परिवार अपने गढ़ पर कब्जा बरकरार रखने के लिए मैदान में उतर आया है..!!

मध्यप्रदेश में चुनावी घमासान जोर पकड़ता जा रहा है। सभी दलों पर अब चुनावी रंग चढ़ता नजर आ रहा है। ऐसा लग रहा है, कि एमपी में केवल एक ही सीट पर चुनाव होने जा रहा है। जी हां इन दिनों बीजेपी, कांग्रेस दोनों का फुल फोकस कांग्रेस के कब्जे वाली एकमात्र सीट छिंदवाड़ा पर हो चला है।

पूर्व सीएम कमलनाथ के बेटे और मौजूदा सांसद कांग्रेस प्रत्याशी नकुलनाथ को विजयी बनाने के लिए कमलनाथ की बहू प्रिया नाथ और उनकी पत्नी अलका नाथ ने भी मोर्चा संभाल लिया है। सास-बहू गांव से लेकर शहर तक नकुलनाथ के लिए वोट मांगती नजर आ रही हैं। 

यूं तो सभी पार्टियों की ओर से जोर-शोर से प्रचार-प्रसार के किया जा रहा है, लेकिन पूर्व सीएम कमलनाथ का पूरा परिवार अपने गढ़ पर कब्जा बरकरार रखने के लिए मैदान में उतर आया है।

सास-बहू दोनों हर घर में दस्तक देती नजर आ रही हैं। ये दोनों न सिर्फ नकुलनाथ के लिए प्रचार ही नहीं कर रहीं, बल्कि लोगों को नाथ परिवार से अपने 44 साल पुराने रिश्ते की याद भी दिला रही हैं। इसी दौरान दोनों कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए लोगों के घर भी पहुंच रही हैं। 

अलका नाथ और प्रिया नाथ प्रमुख कार्यकर्ताओं के घर जाकर अपना गुस्सा निकाल रही हैं। प्रचार के दौरान ही प्रिया नाथ का गुस्सा दलबदलुओं पर फूट पड़ा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। 

प्रिया नाथ ने दलबदलुओं को धोखेबाज बताया, चुनाव प्रचार में उतरीं पूर्व सीएम कमलनाथ की बहु ने दलबदलुओं को खरी-खरी सुनाते हुए कहा "जिन्हें अपना समझा उन्होंने अग्नि परीक्षा के समय धोखा दिया.." वैसे तो आदिवासी बहुल इस सीट पर सास-बहू की जोड़ी काफी लोकप्रिय हो रही है। सूत्रों का कहना है कि अलका ने पूर्व सीएम कमलनाथ के करीबी दीपक सक्सेना को बीजेपी में शामिल होने से रोकने में अहम भूमिका निभाई थी। 

लेकिन सक्सेना के इकलौते बेटे अजय भाजपा में शामिल हो गये हैं  छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर पिछले 44 साल से कमलनाथ के परिवार का दबदबा रहा है। पिछले वर्षों में हुए एक उपचुनाव को छोड़ दें तो यह सीट पिछले 71 सालों से कांग्रेस के खाते में है। इसलिए इसे कमलनाथ का किला कहा जाता है। जीत दर्ज करने के इरादे से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह यहां पहुंचे, गिरिराज सिंह को संसदीय सीट का प्रभारी बनाया गया और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बीजेपी की सदस्यता दिलाई गई।

मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से केवल छिंदवाड़ा सीट पर कांग्रेस का कब्जा है, जिसे छीनने के लिए सत्तारूढ़ बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। लोकसभा चुनाव के पहले चरण में राज्य की सीधी, शहडोल, मंडला, जबलपुर और बालाघाट सीटें भी शामिल है, जहां 19 अप्रैल को मतदान होना है।