करीब तीन दशक पुराने रोड रेज मामले में पटियाला जेल में सालभर से बंद पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्ययक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के सामने अब खुला आसमान है। आज वे पटियाला जेल से रिहा किए जा रहे हैं। अपनी कैद के दिनों में सिध्दू ने खुद को 'ट्रांसफार्म' किया है। उन्होंने ध्यान, योग के साथ कसरत भी खूब की तथा करीब तीस किलो वजन भी कम कर लिया है। क्रिकेट से लेकर राजनीति और कॉमेडी शो 'द कपिल शर्मा शो के जज तथा बिग बॉस के ऐक सीजन में नजर आ चुके सिध्दू फिर धमाकेदार पारी खेलना चाहेंगे लेकिन राजनीति में उनका डेढ़ साल पहले पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से हुआ ईगो वॉर इस कदर परवान चढ़ा था कि कांग्रेस की सरकार चली गई और अमरिंदर कांग्रेस छोड़ गए।

सिद्धू के ट्वीटर से दी रिहाई की जानकारी

बहरहाल, आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सिद्धू की रिहाई कुछ देर में हो जाएगी। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11.58 बजे से 12.40 बजे तक एवं विजय मुहूर्त दोपहर 2.04 बजे से 2.46 बजे तक रहेगा। इन्हीं दो समय के बीच सिद्धू जेल से बाहर आएंगे। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक आज तक सिद्धू ने अधिकतर काम अभिजित मुहूर्त पर ही किए हैं। हालांकि जेल के बाहर उनके समर्थक जमा है। सिद्धू के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से भी इस बारे में ट्वीट किया गया था।

रोड रेज मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को एक साल कैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने 20 मई को पटियाला कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था, लेकिन अब तक की सजा में सिद्धू ने एक बार भी पैरोल नहीं ली। जानकारों का कहना है कि नशा तस्करी एवं अन्य संगीन अपराधों में बंद कैदियों को छोड़कर बाकी सभी को जेल में मिले उनके काम में प्रदर्शन व आचरण के आधार पर एक महीने में चार से पांच दिन की छूट दी जाती है। इसके अलावा कुछ सरकारी छुट्टियों का भी कैदी को लाभ मिलता है। ऐसे में अनुमान है कि सिद्धू इस छूट का लाभ लेकर एक अप्रैल को जेल से रिहा हो सकते हैं।

तड़के 3 बजे शुरू होता रहा क्लर्क सिद्धू का दिन !

खबरों के मुताबिक सिध्दू ने जेल में योगा व ध्यान पर पूरा जोर दिया है। सजा के दौरान सिद्धू 34 किलो तक अपना वजन कम कर चुके हैं। रोजाना तड़के तीन बजे उठने के बाद वे ध्यान पर बैठते थे। योगा के साथ- साथ जेल परिसर में सैर भी खूब करते थे। बताते हैं कि जेल में सजा के दौरान उन्हें क्लर्क का काम दिया गया था, सुरक्षा के लिहाज से सिद्धू के लिए यह फैसला लिया गया था। दफ्तर की फाइलें सिद्धू के बैरक में ही पहुंचाई जाती थीं । सिद्धू अपनी सुविधा के अनुसार सुबह नौ से शाम पांच बजे के बीच किसी भी समय दफ्तर के सामान्य कागजात व फाइलें देखते थे।