कांग्रेस नेता राहुल गांधी,चुनाव प्रचार के लिए गुजरात में हैं। गुजरात चुनाव के चलते राहुल गांधी मतदाताओं को रिझाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अपना भाषण तो हिंदी में दिया और उसको ट्रांसलेट करने के लिए एक गुजराती नेता से अपनी लाइनों को कनवर्ट करवाया।
 
दिलचस्प चीज़ ये हुई कि राहुल गांधी को भाषण के दौरान बीच में ही टोक दिया गया और उन्हें हिंदी में ही अपना भाषण जारी रखने को कहा। इसके बाद ट्रांसलेटर ने भी उन्हें हिंदी में बात रखने को कहा और अपने स्थान से हट गए।

यह पूरा वाकया सोशल मीडिया पर वायरल है। साथ ही भाजपा ने इस घटनाक्रम पर सवाल भी उठाते हुए राहुल गांधी पर कटाक्ष भी किया है।  मध्यप्रदेश भाजपा के आधिकारिक ट्विटर हेंडल से भी राहुल गांधी पर कटाक्ष किया गया-

इससे पहले, राहुल गांधी अपने हिंदी वाक्यों का गुजराती में ट्रांसलेट करने के लिए करने के लिए अपने ट्रांसलेटर का रुख कर रहे थे। भीड़ के बीच से एक आदमी चिल्लाया, "आप हिंदी में बोलिए, हम समझ जाएंगे। हमें ट्रांसलेशन की जरूरत नहीं है।"

मांग सुन राहुल गांधी रुके और पूछा कि क्या सचमुच हिंदी ठीक होगी। राहुल गांधी ने पूछा “हिंदी चलेगा? हिंदी ठीक रहेगी?"। अनुवादक को मंच से हटा दिया गया और भाषण चलता रहा
  
गौरतलब है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा अभी महाराष्ट्र में है। यात्रा से विराम लेकर राहुल गुजरात चुनाव में पहुंचे थे। गुजरात में सूरत जिले के महुवा में उन्होंने आदिवासियों की एक सभा को संबोधित किया था। अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा शासित राज्य में इस समय कांग्रेस विपक्ष में है। 
गुजरात में रहते हुए, राहुल गांधी ने मोरबी त्रासदी को लेकर राज्य में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली सरकार पर हमला किया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोरबी पुल हादसे के पीछे "असली दोषियों" के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि लगभग 150 लोग मारे गए और यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है और इसलिए मैं इस बारे में कुछ नहीं कहूंगा। लेकिन आज सवाल उठता है कि इसके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। "जो लोग इसके पीछे थे, उनके ख़िलाफ़ कोई FIR क्यों नहीं की गई?"  राहुल गांधी ने आगे कहा: "क्या उन्हें कुछ नहीं होगा क्योंकि वे भाजपा के साथ अच्छे संबंध साझा करते हैं? उन्होंने चौकीदारों को गिरफ्तार किया और उन्हें सलाखों के पीछे डाल दिया, लेकिन असली दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।"