विपक्षी एकजुटता के प्रमुख स्तंभों में शामिल राकांपा चीफ शरद पवार बीते हफ्तेभर से कांग्रेस की नींद उड़ाए हुए हैं। लोकसभा चुनाव के सालभर पहले जब कांग्रेस समेत आम आदमी व दर्जनभर अन्य विभिन्न विपक्षी दलों ने रणनीति के तहत केंद्र की मोदी सरकार को घेरने की कवायद चला रखी है वहीं, एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने विपक्ष के मुद्दों पर ही अजब अख्तियार कर लिया है। उन्होंने इसकी बानगी सावरकर, अडानी, पीएम की फर्जी डिग्री मामले पर अपनी राय रखकर दी है।

यह वही मुद्दे हैं, जिन पर विपक्ष लगातार केंद्र पर निशाना साध रहा था। पवार के ये बयान जहां भाजपा के लिए बड़ी राहत हैं, तो वहीं विपक्ष की मुहिम की हवा निकाल रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि पवार को साधने व रूख को समझने के लिये कांग्रेस के रणनीतिकारों ने नए सिरे से कोशिशें शुरू की हैं। इसके पहले नीतीश कुमार ने भी तटस्थ रुख अपनाकर कांग्रेस को परेशान किया हुआ है।

उड़ान नापने जाएंगे रंधावा

उधर राजस्थान में अपनी ही सरकार के खिलाफ अनशन पर बैठने की बात कर रहे सचिन पायलट के मामले को देखने प्रभारी महासचिव रंधावा कल जयपुर पहूंचेंगे। रंधावा ने कहा कि बीते सालभर में पायलट के साथ उनकी 20 से अधिक बैठकें हुई हैं, लेकिन उन्होंने कभी यह भ्रष्टाचार का मुद्दा नहीं उठाया। रंधावा ने कहा, हमने राजस्थान में किसानों का कर्ज माफ करने, बिजली बिलों पर छूट, सिलेंडर पर सब्सिडी, पुरानी पेंशन वापस लाने जैसे कदम उठाए हैं। उन्हें (पायलट) इसके बारे में बात करनी चाहिए थी. लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस ठीक नहीं था।