राजस्थान का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर जारी सस्पेंस आज ख़त्म हो जाएगा। बीजेपी विधायक दल की बैठक में मंगलवार नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग जाएगी। बैठक के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित तीनों पर्यवेक्षक जयपुर पहुँच चुके हैं।

तीनों पर्यवेक्षकों की विधायकों से वन टू वन मुलाकात के बाद सीएम के नाम की घोषणा होना लगभग तय है। माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में जिस तरह चौंकाने वाले नाम सामने आए हैं, उसी तर्ज पर यहां भी नए चेहरे को मौका दिया जा सकता है।

इस नए चेहरे को चुनने के लिए भाजपा उसी फार्मूले को आधार बना सकती है जिस पर छत्तीसगढ और मध्यप्रदेश में नए चेहरे पर दांव खेला गया है। अगर ऐसा होता है तो भाजपा राजस्थान में एक तीर से दो निशाने साध सकती है।

छ्त्तीसगढ़ में आदिवासी संख्याबल को देखते हुए आदिवासी चेहरे विष्णुदेव साय पर भाजपा ने दांव खेला है। वहीं मध्यप्रदेश में ओबीसी की संख्या को देखते हुए मोहन यादव पर मुहर लगाईं गई। इसी आधार पर राजस्थान में दलित आबादी में सबसे ज़्यादा है। ऐसे में माना जा रहा है कि राजस्थान में भाजपा किसी दलित चेहरे को सामने ला सकती है।

यही नहीं जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला आरक्षण विधेयक को लेकर मुखर हैं और आधी आबादी के प्रतिनिधित्व की बात कर रहे हैं उसे देखते हुए भाजपा यहाँ किसी महिला के नाम को CM के रूप में तय कर सकती है। संभावना इस बात की भी है कि ये नाम दलित महिला के रूप में हो सकता है।

इस तरह दलित और महिलाओं को साध कर भाजपा एक तीर से दो निशाने साध सकती है। यह फार्मूला कांग्रेस और विपक्ष के जातीय जनगणना की काट भी माना जा रहा है। दूसरी ओर रेस में सबसे आगे चल रही पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा की संभावनाएं कम हो गई हैं। इसका प्रमुख कारण दोनों राज्यों में पुराने सीएम को बदलना माना जा रहा है।