भोपाल: प्रदेश के चार जिलों की हवाई पट्टी का प्रशिक्षण केंद्र चलाने के लिये ठेका लेने वाली चार संस्थाओं से अब बकाया की वसूली रेवेन्यु रिकवरी सर्टिफिकेट के जरिये होगी। इसके लिये राज्य के विमानन विभाग ने वहां के कलेक्टरों को आरआरसी के जरिये वसूली करने के निर्देश जारी कर दिये हैं। दरअसल इन चारों संस्थाओं ने हवाई पट्टियां तो ले ली परन्तु शर्तों के अनुसार हर साल शुल्क जमा नहीं किया। अब इनके ठेके निरस्त हो चुके हैं।
छिन्दवाड़ा जिले में शा शिव माईनोरिटी वेलफेयर एजुकेशन सोसायटी बैंग्लोर पर वर्ष 2010 से 16 लाख रुपये, शिवपुरी जिले में सुल्तान एजुकेशन सोसायटी लखनऊ पर वर्ष 2014 से 23 लाख रुपये, झाबुआ जिले में देवर्षि होल्डिंग एण्ड प्रापर्टी इंदौर पर वर्ष 2010 से 16 लाख रुपये एवं नीमच जिले में पायोनियर फ्लाईंग अकादमी नई दिल्ली से वर्ष 2015 से 24 लाख रुपये शुल्क के विमानन विभाग को लेने हैं। अनेक बार नोटिस देने के बाद भी इन चारों संस्थाओं ने बकाया शुल्क सालों से नहीं चुकाया है। इसीलिये अब वहां के जिला कलेक्टरों के माध्यम से आरआरसी के जरिये इनसे वसूली किये जाने के निर्देश जारी किये गये हैं।
छिन्दवाड़ा की नई हवाई पट्टी ठण्डे बस्ते में गई:
पिछली कमलनाथ सरकार ने छिन्दवाड़ा जिले में नये स्थान पर नई हवाई पट्टी बनाने के लिये 50 करोड़ रुपयों का बजट जारी किया था। परन्तु कमलनाथ सरकार के जाने के बाद वर्तमान सरकार में नई हवाई पट्टी का निर्माण ठण्डे बस्ते में चला गया है और पचास करोड़ रुपये का बजट भी उपयोग न होने के कारण लैप्स हो चुका है।