भोपाल: सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में शिकारी बाघ के सिर काट कर ले जाने की घटना में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई. वन विभाग ने शिकारियों की जानकारी देने वाले को ₹25000 का इनाम रखा है. इस बीच वन विभाग ने जिस संदेही शिकारी से पूछताछ की थी, उसने आत्महत्या कर मामले को और उलझा दिया है.
टाइगर स्ट्राइक फोर्स और वन विभाग की टीम शिकारी गिरोह को पकड़ने के लिए गाडरवारा, छिंदवाड़ा और बैतूल के आदतन आपराधियों के गांव में सर्चिंग तेज कर दी है. उल्लेखनीय है कि 26 जून को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) में शिकारी बाघ का सिर काटकर अपने साथ ले जाने की वारदात में अभी तक वन विभाग को कोई सफलता नहीं मिली है.
इस घटना की जांच में जुटी सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की टीम ने 3 दिन पहले पूछताछ के लिए धापड़ा गांव के अनीस उईके को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था, उसने रविवार को आत्महत्या कर लिया. इस आशय की पुष्टि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के उपसंचालक संदीप फेलोज ने की. फेलोज ने बताया कि अनीश पर कर्ज का बोझ था, इसीलिए उसने आत्महत्या की है. संदेही उईके के आत्महत्या के बाद चार्ट पर असर पड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है.
आदतन अपराधियों के गढ़ में पड़ताल तेज-
टाइगर के शिकार के मामले में छिंदवाड़ा जिले के तामिया धोलाखारी और दमुआ परिक्षेत्र संवेदनशील गांव में संदेहियों को पकड़कर पूछताछ की जा रही है. इसी प्रकार बैतूल जिले के शाहपुरा एवं भौरा और होशंगाबाद जिले के बनखेड़ी और बरगोदी के अलावा गाडरवारा रेंज के आपराधियों के बाहुल्य वाले गांव में भी पड़ताल की जा रही है. इसके अलावा घुमंतू प्रजाति के लोगों के ढेरों को भी चेक किया जा रहा है.
अंतर्राष्ट्रीय गिरोह से लिंक होने का संदेह-
आशंका जताई जा रही है कि बाघ के दांतों की तस्करी या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद दुर्लभ सिर की ट्राफी बनाने के लिए शिकारियों ने ऐसा किया हो. प्रदेश के जंगलों में इससे पूर्व बाघों की मूंछ और पूंछ के बाल काटने सहित नाखून उखाड़ने और ऐसा करने के लिए पंजे काटने के मामले सामने आ चुके हैं. देश की यह पहली घटना है जिसमें शिकारी बाघ का सिर काट कर अपने साथ ले गए हैं.
वनकर्मियों के अनुसार बाघ लगातार इस क्षेत्र में मूवमेंट कर रहा था. ऐसी आशंका है कि जंगल में सक्रिय शिकारी गिरोह इस बाघ का पीछा कर रहा था, मौका पाकर बाघ को मार दिया गया.इसके बाद उसकी गर्दन काटकर बाकी शव जंगल में छोड़ दिया गया. ऐसे संवेदनशील कोर एरिया में शिकारियों की पहुंच और बाघ का शिकार करने के बाद उसकी गर्दन काटने का मामला सुरक्षा के तमाम दावों पर सवाल खड़े कर रहा है.
शिकारियों की सूचना देने वालों को दिया जायेगा 25000 का इनाम-
एल कृष्णमूर्ति, संचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व का कहना है कि शिकारियों की सूचना देने वालों को 25000 का इनाम रखा है. पूरे जंगल मैं खोज की गई किंतु कहीं भी सिर का ढांचा नहीं मिला. अप पुलिस का भी सहयोग लिया जा रहा है. शिकारियों का बड़ा गिरोह के संदेह किया जा रहा है. अभी तक तो कोई सफलता हाथ नहीं लगी है.