भोपाल: भोपाल में राजधानी परियोजना प्रशासन-सीपीए को खत्म कर दिया गया है तथा इसके कामकाज को दो विभागों लोनिवि एवं वन को सौंप दिया है। सीपीए द्वारा संधारित भवनों का काम लानिवि को सौंपा गया है जबकि पार्कों का काम वन विभाग के जिम्मे किया गया है।

सीपीए में पहले से ही वन विभाग के करीब 38 अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त थे तथा अब इस अमले के लिये पर्यावरण वानिकी नाम से नया वनमंडल केबिनेट ने स्वीकृत तो कर लिया है परन्तु उसमें शर्त डाल दी है कि इन 38 वनाधिकारियों के वेतन-भत्तों की स्वीकृति वित्त विभाग से लेने के बाद ही इसका गठन किया जाये।

वन विभाग ने केबिनेट से पारित इस सशर्त प्रस्ताव को वित्त विभाग को भेज दिया है जहां से इसकी स्वीकृति मिलने का इंतजार है। जबकि इस शर्त की जरुरत नहीं थी क्योंकि ये सभी 38 वनाधिकारी पहले से ही नियमित सेवा में हैं। हालात ये हैं कि अभी तक इस अमले को जुलाई माह का वेतन नहीं मिला है जबकि वन विभाग, वित्त विभाग से जुलाई माह का वेतन देने का आग्रह कर चुका है। नये वनमंडल के लिये वेतन-भत्तों के निर्धारण की स्वीकृति के बाद ही वन विभाग इसके गठन का औपचारिक आदेश जारी कर पायेगा।