अखिलेश यादव अपने चाचा शिवपाल यादव से मिलने सैफई पहुंचे, इस दौरान बहू डिंपल भी मौजूद रहीं। शिवपाल  यादव ने बहू डिंपल यादव को समर्थन देने की बात कही थी। इसी के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने चाचा से मिलने सैफई गए थे। करीब 45 मिनट तक शिवपाल, बेटे आदित्य और अखिलेश-डिंपल के बीच बातचीत हुई। मुलाक़ात के दौरान मैनपुरी की जीत की योजना बनाई गई। बहू डिंपल ने अपने ससुर का आशीर्वाद लिया। कुछ देर बाद अखिलेश यादव ने ट्वीट किया। नेता और घर के बड़े बुजुर्गों के साथ-साथ मैनपुरी के लोगों का आशीर्वाद भी सीथ है।

नेताजी के निधन के बाद अखिलेश यादव का यह पहला चुनाव है। अखिलेश यादव के सामने पिता मुलायम की विरासत पर खरा उतरने और डिंपल यादव को पहला टेस्ट जिताने की चुनौती है। ऐसे में अखिलेश यादव इस चुनौती को हर हाल में जीतना चाहते हैं। इसलिए अखिलेश यादव ये जताना चाहते हैं कि पूरा सैफई परिवार एक है। इतना ही नहीं इस उपचुनाव में शिवपाल यादव की भूमिका कितनी अहम है, यह अखिलेश यादव जानते हैं, क्योंकि शिवपाल यादव खुद जसवंतनगर से विधायक हैं और जिले में उनकी मजबूत पकड़ है।

शिवपाल ने कल समर्थन का ऐलान किया था। उन्होंने इसके लिए एक ट्वीट भी किया था, उन्होंने लिखा था, ‘जिस बाग को सींचा हो खुद नेता जी ने... उस बाग को अब हम सीचेंगे अपने खून पसीने से। ’

मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद सैफई में हर कार्यक्रम में नाराज चाचा शिवपाल यादव अखिलेश यादव के साथ नजर आए, लेकिन फिर भी दोनों अलग ही रहे। मुलायम के अंतिम संस्कार के दौरान शिवपाल ने विनम्रता दिखाई। इसके बाद शिवपाल के कई बयान आए जो सपा के खिलाफ थे। 

इसके बाद शिवपाल को लेकर काफी आशंका थी कि वह उपचुनाव में डिंपल यादव के लिए प्रचार करेंगे या नहीं? हालांकि बुधवार को शिवपाल का स्टैंड साफ हो गया। उन्होंने अपनी बहू को समर्थन देने का ऐलान किया। इसके बाद गुरुवार को अखिलेश यादव डिंपल के साथ शिवपाल यादव से मिलने पहुंचे थे।

यानि कि शिवपाल यादव परिवार के नए बागबान बन गए है। ये देखना दिलचस्प होगा की ये समझौता सिर्फ उपचुनाव के लिए है या आगे भी जारी रहेगा।