मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है। प्रदेश में नदियां और नहरें उफान पर हैं। भोपाल, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के सभी ज़िलों तथा गुना, शिवपुरी, सागर और देवास में आगामी 24 घण्टों में बारिश की संभावना को देखते हुए सरकार सतर्क है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं। सीएम शिवराज ने कलेक्टर्स से भी जिलों में बारिश के हालातों का जायजा लिया है।
मुख्यमंत्री शिवराज को कलेक्टर्स ने जो जानकारी दी है वो कुछ इस तरह है-
मुख्यमंत्री श्री @ChouhanShivraj नर्मदापुरम से प्रदेश में वर्षा से उत्पन्न स्थिति के सम्बन्ध में वर्चुअली बैठक ले रहे हैं।
— Office of Shivraj (@OfficeofSSC) August 16, 2022
मंदसौर, टीकमगढ़, नीमच, अशोकनगर, धार एवं विभिन्न प्रभावित जिलों से वरिष्ठ अधिकारी बैठक में भाग ले रहे हैं। pic.twitter.com/IOuslkZDrL
- विदिशा - बेतवा की सहायक नदियों का पानी कम नहीं हुआ है जिससे 19 गाँव प्रभावित हैं। 300 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया है। 3-4 घंटे में पानी कम होगा। शहर में नौलखी और रंगई में रोड पर बेतवा का पानी आ गया था। हमने 450 लोगों का रेस्क्यू किया है जो बेतवा के किनारे पर थे। 7 में से 1 को छोड़कर सभी डैम भर गए हैं। हमारी सभी जगह टीमें तैनात हैं।
- सीहोर - नर्मदा नदी का लेवल अभी नीचे है। नर्मदा के किनारे के गाँवों में समझाइश दे रहे हैं। अभी स्थिति नियंत्रण में है।
- बालाघाट - अभी पानी कम हुआ है। हमारे पास NDRF की टीम है। हमने लोगों का रेस्क्यू कर सामुदायिक भवन में रोका है। खोटी गाँव में भी लोगों को शिफ्ट किया है। 6 गाँव संपर्क से टूटे हैं लेकिन स्थिति सामान्य है।
- रायसेन - बारना से डिस्चार्ज बहुत कम हो गया है। बरगी के डिस्चार्ज से यदि बैकवॉटर भरता है तो हमारी पूरी तैयारी है। हमने निचले इलाकों से तीन गर्भवती महिलाओं को अस्पताल शिफ्ट किया है। हमारे पास सारे आवश्यक उपकरण हैं।
- भोपाल - कलियासोत और भदभदा के हमने गेट कम कर लिए हैं। कलियासोत में 6 गेट और भदभदा में 4 गेट खुले हैं। पानी का बहाव अब कम होगा।
- राजगढ़ - ब्यावरा में हमने 35 परिवारों को निकाला था और आज 60 परिवारों को निकाला है। नरसिंहगढ़ में भारी बारिश हुई। हम मोहनपुरा में पानी के बहाव को रेग्युलेट कर रहे हैं।
- नरसिंहपुर - स्थितियाँ सामान्य हैं, बाढ़ की स्थिति कहीं नहीं है। हम नजर रखे हुए हैं। नर्मदा नदी का पानी खतरे के लेवल से 4 मीटर नीचे है।
- जबलपुर- नर्मदा नदी में फ्लड के कारण कोई अप्रिय स्थिति नहीं है।