जिलों के कामकाज की 'प्रातःकालीन' समीक्षा के दूसरे दिन शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का सब्र पन्ना जिले की समीक्षा के दौरान छलक गया और उन्होंने कलेक्टर को लताड़ लगा दी। वर्चुअल मीटिंग में पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा अपने जिले की सही जानकारी नहीं दे पा रहे थे। मामला शहरी आवास योजना को लेकर था लिहाजा मुख्यमंत्री ने कलेक्टर पर तीखी नाराजगी जाहिर की।

सीएम को अफसरों ने बताया आवास योजना के तहत मार्च 2021 के बाद 10 हजार आवास स्वीकृत हुए हैं उनमें 62 आवास पूरे हुए हैं बाकी पर काम चल रहा है। इस पर सीएम ने पूछा बाकी के काम क्यों पूरे नहीं हुए क्या कोई परेशानी है। इस पर कलेक्टर ने जवाब दिया जियो टैगिंग में दिक्कत आई है।

मार्च में 6500 नए आवास मंजूर हुए हैं इसलिए भी देरी हुई है। इस पर सीएम ने पूछा कि आवास योजना के कामों को कमिश्नर भी देखते हैं या नहीं क्या परेशानी है। पन्ना कलेक्टर ये बताएं कि अगर चार महीने तक जियो टैगिंग चलती रहेगी तो कैसे काम चलेगा।

सीएम ने कलेक्टर से कहा आपके पास या तो जानकारी नहीं हैं या आप बता नहीं पा रहे हो ये बात कतई ठीक नहीं। इस वीसी में जल संसाधन राज्य मंत्री और पन्ना के प्रभारी मंत्री रामकिशोर कांवरे, खनिज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह, कमिश्नर सहित वरिष्ट अधिकारी भी जुडे।

कामकाज की गति बढ़ाएं

मुख्यमंत्री ने पन्ना जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना में बन रहे आवास गृह के कार्य के मामले में कहा कि योजना के क्रियान्वयन में प्रक्रियागत विलंब नहीं होना चाहिए। यदि जियो टेगिंग और मेपिंग जैसे कार्यों में दो तीन माह लगाए जाएंगे तो हितग्राही को विलंब से योजना का लाभ मिलेगा। योजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही और भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जाएगा। हालांकि पन्ना में नवाचार के तौर पर बच्चों को दूध के साथ मार्निग मोर्विटा पौष्टिक पाउडर के वितरण से स्वास्थ्य और पोषण में सुधार की मुख्यमंत्री ने प्रशंसा की।