सीहोर में कांग्रेस को झटका, 4 जिला पंचायत सदस्य BJP में शामिल


Image Credit : twitter

स्टोरी हाइलाइट्स

कांग्रेस समर्थित चार जिला पंचायत सदस्य कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए..!

मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री करण सिंह वर्मा के गृह जिले सीहोर में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से पहले ही बीजेपी ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। कांग्रेस समर्थित चार जिला पंचायत सदस्य कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। इन सदस्यों में भोपाल जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष और दिग्विजय सिंह के सांसद प्रतिनिधि, जिला पंचायत सदस्य राजू राजपूत भी शामिल हैं। बीजेपी में शामिल होने के बाद राजू राजपूत ने मीडिया से कहा कि कांग्रेस में गधों को घोड़ों से बांधकर दौड़ाया जाता है।

आपको बता दें कि हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष गोपाल सिंह इंजीनियर को आष्टा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में गोपाल सिंह इंजीनियर विजयी रहे और उनके विधान सभा सदस्य के रूप में शपथ लेते ही जिला पंचायत अध्यक्ष का पद रिक्त हो गया। 

ऐसे में शनिवार 30 दिसंबर को जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव होना था, जबकि उससे एक दिन पहले ही बीजेपी ने कांग्रेस में घमासान मचा दिया है और कांग्रेस समर्थित चार जिला पंचायत सदस्यों को बीजेपी की सदस्यता दिला दी है। फिलहाल जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव स्थगित कर दिया गया है।

जिला पंचायत सदस्य चुनाव के दौरान सीहोर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले तीनों वार्डों में भाजपा समर्थित उम्मीदवार हार गए, जबकि कांग्रेस समर्थित सदस्यों ने जीत दर्ज की। सदस्य संख्या कम होने के कारण भाजपा के गोपाल सिंह इंजीनियर जिला पंचायत अध्यक्ष बन गए, लेकिन अब उनके विधायक बनने के बाद जिला पंचायत सदस्य की सीट खाली हो गई है। ऐसे में लग रहा था कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों के पास बराबर सदस्य संख्या है लेकिन यहां बीजेपी ने कांग्रेस को समर्थन देने वाले सदस्यों को बीजेपी में शामिल कर लिया।

कैबिनेट मंत्री करण सिंह वर्मा, सांसद रमाकांत भार्गव, जिला अध्यक्ष रवि मालवीय, विधायक सुदेश राय, जिला पंचायत सदस्य राजू राजपूत, रुखसार अनस खान और दो अन्य सदस्यों की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए। खास बात यह है कि कांग्रेस राजू राजपूत को जिला पंचायत अध्यक्ष का दावेदार बता रही थी। जिला पंचायत में कांग्रेस को दूसरी बार धोखा मिला है। इससे पहले आष्टा विधायक गोपाल सिंह भी जिला पंचायत सदस्य रहते हुए कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। पार्टी बदलते ही वह जिला पंचायत अध्यक्ष बने और फिर बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचे।