भोपाल: राज्य सरकार मप्र विधानसभा में पारित श्रम कल्याण निधि संशोधन विधेयक 2026 को राज्यपाल की स्वीकृति मिलने और इसके कानून बनने से अब स्लेट-पेंसिल कारखानों के श्रमिकों के लिये सामाजिक सुरक्षा योजनायें बनायेगी।
इसके तहत सिलिकोसिस से प्रभावित श्रमिक के परिवार को सहायता अनुदान की राशि तय की जायेगी, ऐसे श्रमिक का चिकित्सकीय उपचार किया जायेगा, श्रमिक व उसके आश्रितों की सामुदायिक आवश्यक्तायें निर्धारित होंगी जिसमें शैक्षणिक सुविधायें, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करना शामिल हैं, श्रमिक की आश्रिम स्त्रियों और बेरोजगार व्यक्तियों के लिये गृह उद्योग तथा सहायक आजीविकायें विकसित होंगी, श्रमिकों के लिये खेलकूद, मनोरंजन तथा अन्य प्रकार के आमोद-प्रमोद विकसित होंगे, श्रमिकों हेतु पुस्तकालय बनाया जायेगा, श्रमिकों की एलआईसी पालिसी की प्रीमीयम का भुगतान होगा।
इसके अलावा, श्रम कल्याण मंडल में स्लेट-पेंसिल क्षेत्र से सदस्यों का मनोनयन किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने मप्र स्लेट-पेंसिल कर्मकार कल्याण निधि अधिनियम 1982 और उसके तहत बने मप्र स्लेट-पेंसिल कर्मकार कल्याण मंडल को समाप्त कर दिया है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में स्लेट-पेंसिल विनिर्माण कारखाने तथा उनमें कार्य करने वाले श्रमिकों की संख्या में बड़ी कमी आई है तथा केवल 700 श्रमिक ही स्लेट-पेंसिल कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत हैं जिससे इस कल्याण मंडल का प्रशासकीय व्यय निरन्तर बढ़ रहा था। इसके स्थान पर अब पहले से गठित श्रम कल्याण निधि मंडल के माध्यम से स्लेट-पेसिंल श्रमिकों का कल्याण किया जायेगा।
डॉ. नवीन आनंद जोशी