दंगे पर बयानों को लेकर सीएम शिवराज व पूर्व सीएम कमलनाथ के बीच तीखी जुबानी जंग जारी है। मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने शुक्रवार को कहा कि वोटों की भूख में आप (नाथ) इतने पागल हो गए कि मप्र को वैमनस्य की खाई में म को झोंकना चाहते हैं। क्या आप कामना करते हैं कि दंगे भड़कें। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो टूक कहा है कि कांग्रेस चाहती है शांति के टापू मध्यप्रदेश में दंगे-फसाद हो लेकिन प्रदेश को दंगो की आग में हम नहीं झोंकने देंगे और यहाँ अमन और चैन कायम रहेगा। रामनवमी हो या हनुमान जयंती हो पूरे प्रदेश में ना केवल शांति बल्कि सौहार्द और सद्भाव के साथ मनाई गई लेकिन कांग्रेस को ये रास नहीं आ रहा। कांग्रेस चाहती है कि मध्यप्रदेश शांति का टापू ना रहे यहां दंगे, फसाद हों।

मुख्यमंत्री शिवराज के इस बयान  के कुछ देर बाद कमलनाथ ने ट्वीटकर पलटवार किया। कमलनाथ ने लिखा कि 'शिवराजजी कुछ दिन पहले आप मेरा अंत करना चाहते थे और आज आपने मुझे पागल कहा है। पूरी दुनिया देख रही है कि मप्र का मुख्यमंत्री कैसी हरकतें कर रहा है? उसके भीतर की सारी सभ्यता, मर्यादा और संस्कार समाप्त हो चुके हैं। वह सड़क छाप गुंडों की भाषा बोल रहा है। मुझे अपने अपमान की फिक्र नहीं है। दुख इस बात का है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर ऐसे कुंठित विचारों वाला व्यक्ति बैठा है। जो मध्य प्रदेश शांति का टापू था और रहेगा। 

दरअसल कमलनाथ के दो दिन रोजा इफ्तार में  दिए बयान पर निशाना साधते हुए कहा था कि कमलनाथ रोजा इफ्तार के समय फिर कह रहे हैं इस साल दंगे भड़क रहे हैं प्रदेश में...अरे कहाँ मध्यप्रदेश में दंगे भड़क रहे हैं? कहाँ मध्यप्रदेश में अशांति है? लेकिन वोटों की भूख में आप इतने पागल हो गए हैं कि मध्यप्रदेश को झोंकना चाहते हैं, आप अशांति और वैमनस्य की खाई में? क्या आप मन ही मन कामना करते हैं कि दंगे भड़क जाएं?