डेट फिक्स, गिराए जाएंगे सुपरटेक के ट्विन टॉवर , सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी 


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स्टोरी हाइलाइट्स

नोएडा ऑथोरिटी के अनुरोध पर ट्विन टॉवर गिराने के लिए 4 सितंबर तक का अतिरिक्त समय भी दिया है। कोर्ट ने कहा कि टॉवर 28 अगस्त तक गिराए जाने हैं लेकिन किसी असामान्य  स्थिति में इसके लिए 29 अगस्त से 4 सितंबर तक का समय लिया जा सकता है।

सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट ट्विन टावर को गिराने को लेकर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से मिली हरी झंडी, 28 अगस्त को गिराए जाएंगे ये ट्विन टावर। इससे पहले सीबीआरआई भी दे चुका है मंजूरी। 

 

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा ऑथोरिटी के अनुरोध पर ट्विन टॉवर गिराने के लिए 4 सितंबर तक का अतिरिक्त समय भी दिया है। कोर्ट ने कहा कि टॉवर 28 अगस्त तक गिराए जाने हैं लेकिन किसी असामान्य  स्थिति में इसके लिए 29 अगस्त से 4 सितंबर तक का समय लिया जा सकता है। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इसी महीने की शुरुआत में एक गैर सरकारी एनजीओ की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें नोएडा में नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए सुपरटेक लिमिटेड के 40 मंजिला दो टावर को गिराने की जगह इसका वैकल्पिक समाधान तलाशने  का निर्देश देने का आग्रह किया गया था।  

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने एनजीओ 'सेंटर फॉर लॉ एंड गुड गवर्नेंस' पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था और निर्देश दिया था कि इस राशि को रजिस्ट्री में जमा किया जाए, ताकि कोविड से प्रभावित रहे वकीलों के परिजनों के लाभ के लिए इसका उपयोग किया जा सके।   

 
सीबीआरआई ने भी दी थी मंजूरी 
इससे पहले केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) ने एडफिस इंजीनियरिंग को नोएडा के सेक्टर-93-ए स्थित सुपरटेक के दोनों टावर को ध्वस्त करने की मंजूरी दे दी है। बुधवार को नोएडा प्राधिकरण में एडफिस इंजीनियरिंग, सुपरटेक प्रबंधन और सीबीआरआई के प्रतिनिधियों की बैठक हुई थी। सीबीआरआई ने एडफिस इंजीनियरिग को विस्फोटक लगाने की मंजूरी दे दी थी लेकिन सुपरटेक प्रबंधन पर संरचनात्मक ऑडिट को लेकर इस पर फिर से संशय बना हुआ था।  

सुपरटेक ने पेश नहीं की संरचनात्मक ऑडिट रिपोर्ट 
सुपरटेक प्रबंधन ने अभी तक ध्वस्त होने वाले टावरों के आसपास के अन्य टावरों के संरचनात्मक ऑडिट की रिपोर्ट पेश नहीं की है। सुपरटेक प्रबंधन ने 15 अगस्त तक यह रिपोर्ट देने का दावा किया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में 29 जुलाई को हुई सुनवाई में सीबीआरआई ने सुपरटेक प्रबंधन से संरचनात्मक ऑडिट की रिपोर्ट की मांगी थी और एडफिस इंजीनियरिग से कुछ जानकारियां मांगी थी।