भोपाल: लटेरी कांड के बाद टिंबर माफिया और संगठित सागौन  चोर गिरोह के हौसले बुलंद हो गए हैं. टिंबर माफिया के सिंडीकेट ने आफत की बारिश को अपना अवसर बना लिया. सागर दक्षिण वन मंडल के देवरी रेंज के जंगलों में अवैध कटाई कर बराज नदी और नर्मदा नदी के जरिए सागौन की तस्करी कर रहे हैं.

मुखबिर की सूचना पर शनिवार को नरसिंहपुर वन मंडल के कर्मचारियों ने बरमान रेंज के आलमपुर में हां 58 लट्ठे सागौन के जब्त किये है. लटेरी की घटना के बाद टूटे मनोबल के बाद भी निहत्था वन अमला जंगलों की सुरक्षा में लगा है. यही वजह रही कि नदियों के जरिए हो रही सागौन की तस्करी का खेप पकड़ा है. नरसिंहपुर वन मंडल के मैदानी अमले के अनुसार नर्मदा नदी से बहती हुई जब्त की गई लकड़ी सागर दक्षिण वन मंडल के देवरी के जंगलों से कटकर आई हुई बताई जा रही है.

इस संबंध में दक्षिण सागर डीएफओ नवीन गर्ग से चर्चा की गई. उन्होंने बताया कि नरसिंहपुर वन मंडल के मैदानी अमले ने जानकारी दी है और वीडियो भी भेजा है. हम इसकी जांच करवा रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि टिंबर माफिया बारिश में नदियों के जरिए ही सागौन की तस्करी कर रहे हैं. बारिश में सागौन वृक्षों की कटाई आसानी से हो जाती है और फिर उसे नदियों के जल प्रवाह की ओर बहा दिया जाता है.

एक निश्चित जगह पर टिंबर माफिया स्थानीय लोगों की मदद से नदी से एकत्रित करता है. जानकारी यह भी मिली है कि लटेरी की घटना के बाद टिंबर माफिया अब सागौन की ढुलाई मोटरसाइकिल की जगह पर पार्वती नदी के जल प्रवाह में बहाया जा रहा है. मिली जानकारी के अनुसार टिंबर माफिया स्थानीय बेरोजगार युवकों की मदद से जंगलों की अवैध कटाई और परिवहन कर रहा है. टिंबर माफिया सागर दक्षिण, बैतूल दक्षिण और हरदा वन मंडल में जंगलों की अवैध कटाई करवा रहा है.

सीसीएफ सिवनी ने कहा जांच कराएंगे-

सीसीएफ सिवनी एसएस उद्दे ने बताया कि नरसिंहपुर वन मंडल के कर्मचारियों द्वारा नर्मदा नदी से जप्त सागौन की हो रही तस्करी की जांच कराएंगे. डिप्टी रेंजर पीओआर काटता है, इसलिए उसी से जांच कराएंगे. जांच की गाइडलाइन हम तय करेंगे. हम तस्करी के तह तक जाएंगे और सख्त कार्रवाई करेंगे.

सेंधवा वन मंडल में हुई सबसे बड़ी जब्ती-

सेंधवा वन मंडल के डीएफओ अनुपम शर्मा ने महाराष्ट्र से कटकर सेंधवा आ रही सागौन की लकड़ी बड़े पैमाने पर जबकि गई हैं. सागौन की सिल्लीयों के अलावा चार आयशर ट्रक, एक ट्रैक्टर, एक पिकअप, आरा मशीन और कटर सहित अन्य उपकरण जप्त किए है. इस जब्ती के बाद जंगल महकमे के अफसर 20 साल की सबसे बड़ी जब्ती मानते है. यहां यह उल्लेख करना भी वर्ष 2015-16 में भी इसी प्रकार की बड़ी जब्ती हुई थी.

व्हाट्सएप ग्रुप में चला बधाई का सिलसिला-

इस कार्रवाई के बाद से आईएफएस एसोसिएशन के व्हाट्सएप ग्रुप में रविवार को बधाई देने का लंबा सिलसिला चला. दर्शन लटेरी घटना के बाद वन कर्मियों के खिलाफ दर्ज अपराधिक घटना को लेकर एसोसिएशन सारे पदाधिकारी एवं शीर्ष अफसर  किंकर्तव्यविमूढ़ जैसे स्थिति में थे. एसोसिएशन इतनी हिम्मत नहीं जुटा सका कि मुख्यमंत्री और सीएस के समक्ष वन कर्मियों का प्रोटेक्शन कर सके. उनके खिलाफ न्यायिक जांच होने तक अपराध कायम होने से रोक सके.

मलिक के वक्तव्य के बाद ग्रुप में खिंचा सन्नाटा-

एसोसिएशन के व्हाट्सएप ग्रुप में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक शशि मलिक की एक टिप्पणी से सन्नाटा खिंच गया. शशि मलिक ने लटेरी की घटना से संबंधित एक खबर को लेकर टिप्पणी की कि "क्या हमें खुद पर गर्व करना चाहिए..? क्या हम नैतिक रूप से जिम्मेदार नहीं हैं.? क्या हम बड़े वेतन के योग्य हैं..? हमें गैर बांध की गतिविधियों की तस्वीरें पोस्ट करके गर्व महसूस होता है. लेकिन इन मूल्यवान बंद संसाधनों की रक्षा कौन करेगा..? इन प्रश्नों पर विचार करने की आवश्यकता है अन्यथा आप कल्पना कर सकते हैं कि हमारी सेवा का भविष्य क्या होगा.? उनकी इस टिप्पणी पर ग्रुप में जुड़े किसी भी अफसर ने प्रतिक्रिया व्यक्त करने में हिम्मत नहीं जुटाई.