भोपाल: मप्र के पालपुर कूनो में चीता दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से कब आएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है. यह बात जरूर है कि चीता प्रोजेक्ट के नाम पर वाइल्ड लाइफ टूरिज्म का दौर जारी है. इसी कड़ी में प्रदेश के वन मंत्री विजय शाह एवं वन बल प्रमुख रमेश कुमार गुप्ता तथा एपीसीसीएफ वन्य प्राणी शुभरंजन सेन आगामी 22 अगस्त से 28 अगस्त तक तंजानिया एवं दक्षिण अफ्रीका के जंगल देखने जायेंगे.
यह दल तंजानिया में सेरेंजेटा पार्क तथा दक्षिण अफ्रीका में कू्रगढ़ पार्क का दौरा करेगा तथा वहां के वन्यजीव का प्रबंधन देखेगा.वन मंत्री दक्षिण अफ्रीका के दौरे में वहां से मिलने वाले चीते के बारे में भी चर्चा करेंगे. इसके पहले प्रमुख सचिव वन अशोक वर्णवाल और मुख्य वन्य प्राणी संरक्षक जेएस चौहान, वन्य जीव संस्थान देहरादून के डीन डॉ वाईवी झाला, एनटीसीए के आईजी अमित मलिक और भारत सरकार के अधिकारी दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया की यात्रा से लौट आए थे. दो दिन पहले ही वन्य जीव संस्थान देहरादून के डीन डॉ वाईवी झाला दक्षिण अफ्रीका से भारत लौट के आए हैं. झाला 7 दिन तक दक्षिण अफ्रीका में पर्यटन करते रहे.
चीता के लिये दक्षिण अफ्रीका ने नहीं किया एमओयू-
मप्र के पालपुर कूनो में चीता देने के लिये नाबीबिया देश ने तो भारत से एमओयू कर लिया है परन्तु अभी तक दक्षिण अफ्रीका ने एमओयू नहीं किया है. नाबीबिया ने एमओयू में शर्त रखी है कि पालपुर कूनो में वह तभी चीता भेजेगा जब वहां से तेंदूओं को हटा दिया जाये. कूनो में अभी भी चार तेंदुए मौजूद हैं.
मंगलवार को राज्य मंत्रालय में हुई टाईम लिमिट की बैठक में यह मामला उठा तथा पीसीसीएफ वाईल्ड लाईफ से कहा गया है कि वह कैमरे लगाकर इन चार तेंदूओं की सर्च करे एवं ट्रेंकुलाईज कर उन्हें वहां से हटा दे. तेंदुए को ट्रेंकुलाईज करने के लिए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से 2 हाथियों का दल मंगाया गया है. या ऑपरेशन गुरुवार से शुरू होगा.
24 को सीएम करेंगे विभागीय समीक्षा-
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 24 अगस्त को वन विभाग की समीक्षा करेंगे. समीक्षा के दौरान न तो वन मंत्री डॉ शाह और न ही विभाग के मुखिया आरके गुप्ता उपस्थित रहेंगे. वन बल प्रमुख गुप्ता की अनुपस्थिति में वन विकास निगम के एमडी एके पाटिल, विकास शाखा के मुखिया चितरंजन त्यागी और पीसीसीएफ कैंपा सुनील अग्रवाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे.