अभी हाल ही मध्यप्रदेश के बैतूल ज़िले के विकासखंड शाहपुर के पावरझंडा पंचायत के जामुनढाना गांव के कुछ ग्रामीणों का एक गर्भवती महिला को उफनती नदी में खटिया पर लेटाकर अस्पताल ले जाने का वीडियो सामने आया था। अब इसी तरह का एक वीडियो महाराष्ट्र से भी आया है, जहां बीमार आदिवासी महिला को 23 किलोमीटर खाट पर पैदल अस्पताल ले जाया जा रहा है।
वीडियो गढ़चिरौली ज़िले के भामरागढ़ का है जहाँ एक बीमार महिला को उसके परिजन खाट पर लेकर अस्पताल पहुंचे। परिजनों को 23 किलोमीटर कीचड भरे रास्तों पर कंधे पर खाट लिए चलना पड़ा। ये वीडियो सुदूर अंचलों में विकास के दावों के कलई खोल रहे हैं।
एक तरफ @narendramodi सरकार तथाकथित अमृतकाल का जश्न मना रही है दुसरी तरफ देश का आदिवासी समुदाय आज भी सड़क,साधन,स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है।ये तस्वीर महाराष्ट् के गढ़चिरौली जिलें के भामरागढ़ की है।जहां बीमार आदिवासी महिला को 23KM कंधो के बल खाट पर पैदल अस्पताल ले जाया जा रहा है। pic.twitter.com/ARPTSjpaWq
— Tribal Army (@TribalArmy) August 13, 2022
इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर यह कहा जा रहा है कि एक तरफ सरकार आज़ादी के अमृत महोत्सव का जश्न मना रही है, तो वहीं देश का आदिवासी समुदाय आज भी मूलभूत सुविधाएं पाने के लिए भी संघर्ष कर रहा है।
इन आदिवासी बाहुल्य इलाकों में आज भी आदिवासी समुदाय के लोग सड़क, संसाधन और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी बेसिक चीज़ों से भी वंचित है। ये वीडियो इसी बात को उजागर करता है।