भोपाल: मप्र विधानसभा में पिछली कमलनाथ सरकार के समय 24 जुलाई 2019 को दण्ड विधि संशोधन बिल पारित किया गया था, जिसे तीन साल बाद राष्ट्रपति ने मंजूरी प्रदान कर दी है। अब यह एक्ट बन गया है तथा इसमें दहेज प्रताडऩा के मामलों को पति एवं पत्नी द्वारा आपस में समझौता कर खत्म किया जा सकेगा। पहले इसका प्रावधान नहीं था।
उक्त एक्ट में यह भी प्रावधान किया गया है कि अब धारा 317 (नवजात शिशु को फैंकना), धारा 318 (मृत शिशु को फेंकना), धारा 392 (लूट), धारा 393 (लूट का प्रयास), धारा 394 (हमला कर लूट करना) तथा धारा 435 (अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा हानि पहुंचना) के मामले अब सेशन जज के स्थान पर न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनेंगे।
इसी प्रकार, बिना बीमा वाले वाहनों को निश्चित राशि देकर कोर्ट या पुलिस से मुक्त कराया जा सकेगा तथा निश्चित राशि न देने पर पुलिस इसकी नीलामी कर सकेगी। इसी प्रकार, इलेक्ट्रानिक रुप से भी साक्ष्य स्वीकृत किये जा सकेंगे। जान से मारने की धमकी देने संबंधी धारा 506 को भी समझौता योग्य बनाया गया है।