भोपाल: प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों को अच्छा इंसान बनाने के लिये बना नया मप्र सुधारात्मक सेवायें एवं बंदी गृह अधिनियम 2024 अब 1 जनवरी 2025 से लागू किया जायेगा। इससे पहले राज्य सरकार ने 13 अगस्त 2024 की अधिसूचना से इसे गांधी जयंती 2 अक्टूबर 2024 से लागू करने का फैसला लिया था परन्तु इस नये कानून को लागू करने के लिये आवश्यक तैयारियां पूरी न होने से अब इसकी तिथि बढ़ा दी है।

उक्त नये कानून के लिये विधानसभा के पिछले सत्र में 2 जुलाई को विधेयक पारित किया गया था जिसे राज्यपाल ने 6 अगस्त को मंजूरी प्रदान की थी। नये कानून के उद्देश्य में कहा गया है कि यह कानून कैदियों में उनके मन तथा विचारण प्रक्रिया से नकारात्मकताओं को हटाते हुये, सकारात्मकता का भाव उत्पन्न करने तथा मन में बैठाने पर केंद्रित है जिससे कैदी विशिष्ट कौशल के साथ सुधारात्मक सेवाओं से बाहर आयें और अच्छे इंसान के रुप में बंदी गृह छोड़ सकें और देश के अधिक उत्तरदायी नागरिक बन सकें।

इस कानून में ट्रासंजेण्डरों के लिये जेलों में अलग बैरकें बनाने का भी प्रावधान है। नये जेल सुधार कानून के लागू होने से मप्र राज्य में लागू तीन पुराने कानून यथा बंदी गृह अधिनियम 1894, बंदी अधिनियम 1900 तथा बंदी अंतरण अधिनियम 1950 निरस्त हो जायेंगे।