नावों में कुष्ठ रोग पीड़ित यात्रियों से भेदभाव का प्रावधान खत्म किया


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स्टोरी हाइलाइट्स

यह भेदभाव पूर्ण वाला प्रावधान 64 साल पहले बने इनलैंड स्टीम वेसेल्स एमपी रुल्स 1962 में किया गया था, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बनी समिति जिसमें प्रमुख सचिव विधि अध्यक्ष एवं सचिव विधि एवं अतिरिक्त सचिव विधि सदस्य हैं, ने अपने प्रतिवेदन में उक्त पुराना प्रावधान खत्म करने की सिफारिश की थी..!!

भोपाल: राज्य के जल संसाधन विभाग ने अंतर्देशीय जलमार्गों जैसे नदियों, नहरों, झीलों, बैकवाटर्स और क्रीक में चलने वाले जलयानों जिनमें क्रूज भी शामिल हैं, में कुष्ठ रोग पीडि़त यात्रियों से भेदभाव करने वाले प्रावधान खत्म कर दिया है। यह भेदभाव पूर्ण वाला प्रावधान 64 साल पहले बने इनलैंड स्टीम वेसेल्स एमपी रुल्स 1962 में किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बनी समिति जिसमें प्रमुख सचिव विधि अध्यक्ष एवं सचिव विधि एवं अतिरिक्त सचिव विधि सदस्य हैं, ने अपने प्रतिवेदन में उक्त पुराना प्रावधान खत्म करने की सिफारिश की थी। 

उल्लेखनीय है कि अब देश में कुष्ठ रोग असाध्य नहीं है और इसका इलाज हो सकता है, इसलिये पूर्व में कुष्ठ रोगियों पर प्रतिबंध लगाने वाले जितने भी कानूनी प्रावधान हैं, उन्हें खत्म किया जाना था। इसके पालन में मप्र पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1983, मप्र नगर पालिका अधिनियम 1961, मप्र भिक्षावृत्ति निवारण अधिनियम 1973, श्री महाकालेश्वर मंदिर अधिनियम 1953, मप्र ग्राम पंचायत पशु वधशाला का विनियमन नियम 1998 तथा एमपी पब्लिक हेल्थ एक्ट 1949 में बदलाव कर कुष्ठ रोगियों से भेदभाव करने वाले प्रावधान खत्म किये जा चुके हैं। अब इनलैंड स्टीम वेसेल्स एमपी रुल्स 1962 में बदलाव कर कुष्ठ रोगियों से भेदभाव वाले इस प्रावधान को खत्म कर दिया गया है।