पन्ना में टाइगर की फंदे पर लटकने से हुई मौत..! हिरासत में एक आरोपी


स्टोरी हाइलाइट्स

एसीएस, सीसीएफ भी मौके पर पहुंचे..!

भोपाल: पन्ना उत्तर वनमंडल के जंगल में फंदे पर लटकने से बाघ की मौत हो गई. घटना 2 दिन पुरानी बताई जा रही है. वन विभाग के अमले को जानकारी मंगलवार की रात को मिली.

घटना की जानकारी मिलते ही दौरे पर गए अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया भी अपने दल बल के साथ पहुंच गए. सतना से बुलाए गए डॉग स्क्वायड ने अधिकारियों को शिकारियों के मंजिल तक पहुंचाया. वन विभाग ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है और मुख्य आरोपी फरार बताया जा रहा है.

घटना पन्ना उत्तर वन मंडल के तिलगवां बीट के कंपार्ट नंबर 460 पीएफ की है. प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) जेएस चौहान ने बताया कि शिकारियों ने जंगली सूअर का शिकार करने के लिए तेंदु के पेड़ मपर क्लच वायर का फंदा लटकाया था.

फंदे में जवां बाघ का गला फंस गया. बाघ का वजन अधिक होने की वजह से फंदे में गला कस गया और उससे उसकी मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही सुबह ही सीसीएफ संजीव झा अपने दल-बल के साथ पहुंचे. उन्होंने तत्काल डॉग स्क्वाड निर्मन को सतना से बुलवाया. निर्मन अधिकारियों को आरोपियों के झोपड़े तक ले गया. वन विभाग की टीम ने एक आरोपी नेपाल सिंह को हिरासत में लिया. मुख्य आरोपी फरार हो गया.

डिप्टी रेंजर और फारेस्ट गार्ड पर होगी कारवाई-

एसीएस कंसोटिया ने अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाई करने के निर्देश दिए हैं. इस घटना के लिए डिप्टी रेंजर और फारेस्ट गार्ड को जिम्मेवार माना जा रहा है. प्रभारी डीएफओ बेनी प्रसाद डिप्टी रेंजर और वन कर्मियों के खिलाफ निलंबन का आदेश जारी करने जा रहें हैं.

दो महीने से रिक्त है डीएफओ का पद-

पन्ना उत्तर वन मंडल के डीएफओ का पद 2 महीने से रिक्त है. वन विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने रिक्त पद को भरने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजे थे किंतु कुछ आपत्तियों सहित प्रस्ताव वापस आ गए. सूत्रों का कहना है कि वन मंत्री विजय शाह अपने किसी खास अफसर की पोस्टिंग करना चाह रहे हैं.

किस योग्य आईएफएस अधिकारी को पन्ना उत्तर प्रमंडल में पदस्थ किया जाए, इसके लिए वे अपने स्तर पर चयन की प्रक्रिया शुरू की है. प्रदेश में रीवा, ग्वालियर, छिंदवाड़ा और बालाघाट सर्किल के पद रिक्त पड़े हैं. प्रभारियों के जरिए कार्यों का निष्पादन किया जा रहा है. इसी प्रकार लंबे समय से आधा दर्जन वन मंडल के पद रिक्त पड़े हैं. विभाग के शीर्ष अधिकारियों और मंत्री में समन्वय नहीं बैठ पाने के कारण पद स्थापना का प्रस्ताव अटका हुआ है.