भोपाल: राज्य सरकार ने विदिशा में गत मई माह से ग्रामीण परिवहन नीति का पायलट प्रोजेक्ट शुरु किया है। यह पायलट प्रोजेक्ट अक्टूबर माह तक चलेगा तथा इसकी सफलता देख इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जायेगा। अभी विदिशा में 3 से 7 सीटर यात्री वाहन चलाये जा रहे हैं जिन्हें अब 7 से 20 सीटर किया जायेगा। यही नहीं, ऐसे यात्री वाहनों के लिये परमिट का कोई शुल्क भी नहीं लिया जायेगा।

ज्ञातव्य है कि अभी राज्य सरकार ने ग्रामीण परिवहन नीति जारी नहीं की है बल्कि केबिनेट के आदेश से विदिशा में इस प्रस्तावित नीति के तहत पायलट प्रोजेक्ट शुरु किया है। अभी विदिशा में 36 यात्री वाहन संचालित हो रहे हैं। छह माह खत्म होने पर देखा जायेगा कि इन यात्री वाहनों को ग्रामीण क्षेत्र में चलाने पर कितला प्रति सीट नुकसान हुआ है तथा इसके बाद इसकी सरकार के खजाने से वाहन आपरेटर को भरपाई की जायेगी।

इसके लिये जिले की ग्राम पंचायतों को निर्देश दे दिये गये हैं कि वे छह माह खत्म होने पर आकलन करें कि इन निजी यात्री वाहनों को प्रति सीट कितना नुकसान हुआ है। यह आकलन मिलने पर भरपाई की जायेगी। चूंकि पायलट प्रोजेक्ट केबिनेट के आदेश से चल रहा है, इसलिये अब मोटरयान नियम में भी इसका प्रावधान किया गया है जो 25 अगस्त के बाद प्रभावशील होगा।