दो वर्षों से फरार तस्कर में दो सिवनी से गिरफ्तार


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स्टोरी हाइलाइट्स

आरोपी वन्यजीव पेंगोलिन स्केल्स तस्करी में आदतन आरोपी है।

भोपाल। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स क्षेत्रीय इकाई जबलपुर वनमंडल, दक्षिण सिवनी, वनमंडल दक्षिण बालघाट एवं पुलिस थाना लांजी के द्वारा संयुक्त रूप से घेराबंदी कर बस स्टैन्ड सिवनी से वन्यजीव पेंगोलिन स्केल्स तस्कर शमसुद्दीन खान उर्फ श्यामू खान को गिरफ्तार किया है। वह दक्षिण परिखेता जिला कोरधा ओडिसा रहने वाला l है।

शमसुद्दीन खान उर्फ श्यामू खान के विरूद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत वनमंडल दक्षिण बालाघाट में वन अपराध प्रकरण कमांक 11614/20 दिनांक 20 सितम्बर 14 वन्यजीव पेंगोलिन के शिकार व उसके अवयवों की तस्करी के संबंध में पंजीबद्ध किया गया था। विगत 02 वर्षों से आरोपी फरार था। इसके विरूद्ध न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी लांजी जिला बालाघाट द्वारा स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।

आरोपी वन्यजीव पेंगोलिन स्केल्स तस्करी में आदतन आरोपी है। शमसुद्दीन खान उर्फ श्यामू खान विरूद्ध अपराध प्रकरण 23242/5, प्रकरण क्रमांक 03, 2018-19 महानदी वन्यजीव वनमंडल नयागढ ओडिसा,  प्रकरण क्रमांक 10/2018  सीआईडी ओडिसा, प्रकरण क्र. 38992/16 पेंच टाइगर रिजर्व और प्रकरण क्रमांक  2271/55  एसटीएसएफ-इकाई जबलपुर दर्ज है। 

इसे स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स द्वारा पकडने हेतु लगातार प्रयास किया जा रहा था। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि उक्त आरोपी सिवनी के आसपास मध्यप्रदेश में है। संयुक्त दल द्वारा बस स्टैन्ड के पास उक्त हुलिये अनुसार संदिग्ध व्यक्ति को रोक कर पूछताछ की गई उसने अपना नाम शमसुद्दीन खान उर्फ श्यामू खान, बताया गया जिन्हें गिरफ्तार कर स्थानीय अमले को सौपा गया। उक्त आरोपी को 23 मई  को  न्यायिक मजिस्टेट प्रथम श्रेणी लांजी जिला बालाघाट में पेश किया जावेगा।

एसटीएसएफ ने किया अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश

एसटीएसएफ के द्वारा दुर्लभ प्रजाति वन्यजीव पेंगोलिन के अवयवों की तस्करी का अतंर्राज्जीय एवं अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इसमें 197 आरोपियों को देश के 15 राज्यों से गिरफ्तार किया जा चुका है। इंटरपोल द्वारा पेंगोलिन को विश्व में सबसे ज्यादा तस्करी किया जाने वाला स्तनपायी कहा है। वन्यप्राणी पेंगोलिन के अवयवों की तस्करी एशिया व अफ्रीका के कई देश सें की जाती है। इसकी मांग मुख्यतः चीन, म्यानमार, थाईलैण्ड, मलेशिया, हॉगकॉग, वियतमान आदि देशों में है।