शादी का फैसला केवल दो लोगो के साथ नहीं जुड़ा होता बल्कि इससे दो परिवार जुड़े होते हैं। वैसे भी शादी समारोह के दौरान दोनों पक्ष संभल संभलकर कदम बढ़ाते हैं। लेकिन मामला इतना सेंसिटिव होता है, कि किसी न किसी कारण से विवाद की स्थिति बन ही जाती है।

हाल ही में उत्तरप्रदेश के अम्बेडकर नगर से एक ऐसा ही मामला सामने आया है। हुआ यूं कि एक शादी के दौरान लड़की वालों और लड़के वालों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि बारात बिना शादी के वापस लौटने लगी।

मामले को सुलझाने के लिए मौके पर पुलिस वहां पहुंची और दोनों पक्षों के बीच सुलह करवाने की कोशिश की। पुलिस के बीच बचाव करने से बारात तो वापस नहीं गई लेकिन इसी दौरान पंडित जी के चले जाने से फिर से एक नई समस्या खड़ी हो गई।

इसके बाद सुलह करवाने पहुंचे दरोगा जी ने मंत्र पढ़कर जोड़े की शादी संपन्न करवाई। यानि कि तैयार रहिए कब क्या मौका हो और आपको कौन सी भूमिका निभानी पड़ जाए ये हम तय नहीं करते ये वक्त पर ही निर्भर रहता है। कहा यह जा रहा कि पुलिस वालों की ये  ड्यूटी भी निभानी पड़ सकती है।