डिंपल की जीत के बाद एक हुआ कुनबा, चाचा शिवपाल ने थामा सपा का हाथ


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स्टोरी हाइलाइट्स

उत्तर प्रदेश में मैनपुरी लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है, जैसे-जैसे समय बीत रहा है मैनपुरी सीट पर तस्वीर साफ होती जा रही है..!

सपा के लिए मैनपुरी सीट जीतना काफी अहम माना जा रहा है। इसलिए अखिलेश ने चुनाव से पहले ही चाचा शिवपाल के साथ अपना पुराना झगड़ा खत्म कर लिया। मैनपुरी सीट पर प्रचार के लिए शिवपाल यादव को सपा ने स्टार प्रचारक बनाया था। इसके बाद शिवपाल यादव ने अखिलेश के साथ मिलकर सपा के लिए प्रचार किया था।

उत्तर प्रदेश में मैनपुरी लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है मैनपुरी सीट पर तस्वीर साफ होती जा रही है। मैनपुरी सीट से अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव आगे चल रही हैं। डिंपल ने काफी बढ़त भी बना ली है। मतगणना के आंकड़ों के मुताबिक, डिंपल यादव को अब तक करीब 5 लाख वोट मिल चुके हैं। वहीं रघुराज सिंह शाक्य डिंपल यादव से काफी पीछे चल रहे हैं। चाचा शिवपाल यादव ने मैनपुरी में जीत के लिए अपने भतीजे को पूरा समर्थन दिया है।

मैनपुरी सीट पर डिम्पल के बड़ी बढ़त हासिल करते ही अखिलेश यादव अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव के घर पहुंच गए हैं। इसी दौरान अखिलेश यादव ने शिवपाल को समाजवादी पार्टी का झंडा थमा दिया है। इसी के साथ चाचा शिवपाल यादव की पार्टी का सपा में औपचारिक विलय हो गया है। इस बीच शिवपाल यादव ने कहा कि हमने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) का समाजवादी पार्टी में विलय कर दिया है। हम 2024 में एकजुट होकर लड़ेंगे। आज से गाड़ी पर समाजवादी पार्टी का झंडा होगा।

आपको बता दें कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद मैनपुरी लोकसभा सीट पर उपचुनाव हुआ है। हालांकि, मैनपुरी सीट पर उपचुनाव के लिए डिंपल यादव के नामांकन के दौरान शिवपाल यादव अखिलेश के साथ नहीं दिखे थे। मैनपुरी सीट पर उपचुनाव के लिए 5 दिसंबर को वोटिंग हुई थी। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव समाजवादी पार्टी की ओर से उपचुनाव में मुलायम सिंह की विरासत संभालने के लिए मैदान में थीं। वहीं बीजेपी ने पार्टी की ओर से रघुराज सिंह शाक्य को अपना उम्मीदवार बनाया है।

सपा के लिए मैनपुरी सीट जीतना काफी अहम माना जा रहा है। इसलिए अखिलेश ने चुनाव से पहले ही चाचा से अपना पुराना झगड़ा खत्म कर लिया था। मैनपुरी सीट पर प्रचार के लिए शिवपाल यादव को सपा ने स्टार प्रचारक बनाया था। इसके बाद शिवपाल यादव ने अखिलेश के साथ मिलकर सपा के लिए प्रचार किया। चाचा शिवापाल का मिलने से मैनपुरी में अखिलेश को फायदा हुआ है, उम्मीद है आगे भी चाचा-भतीजा की ये जोड़ी साथ मिलकर काम करेगी। शिवपाल ने ये भी घोषणा की है कि वे अखिलेश के साथ ही 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।