भोपाल: प्रदेश के सिंगरौली जिले की सरई तहसील में पांच गांवों की जमीन धिरौली कोल ब्लॉक परियोजना के अंतर्गत कोयला उत्खनन हेतु अधिग्रहण करने के बदले में वहां के ग्रामीणों को भारी भरकम पैकेज दिया जायेगा। इसके लिये राज्य सरकार ने पैकेज जारी कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि सिंगरौलजी जिले की तहसील सरई में ग्राम बासीबेरदहा, ग्राम आमडाड, ग्राम बेलवार, ग्राम सिरसवाह तथा ग्राम अमरईखोह की कुल 203.882 हैक्टेयर निजी भूमि अधिग्रहित की जायेगी तथा इससे प्रभावित होने वाले 2 हजार 141 भूमि स्वामी प्रकरणों में यह पैकेज ग्रामीणों को प्रदान किया जायेगा।
यह रहेगा पैकेज:
पुनर्वास अनुदान के रूप प्रत्येक विस्थापित परिवार को (मकान खाली करने के उपरान्त) विस्थापन उपरान्त 300 कार्य दिवस की मध्य प्रदेश शासन द्वारा अवार्ड दिनांक को प्रचलित न्यूनतम कृषि मजदूरी की दर से परिगणित राशि का भुगतान एक मुश्त किया जावेगा। 90&60 वर्गफुट का प्लाट अथवा प्लाट के बदले 2.50 लाख रूपये एक मुश्त राशि, कम्पनी द्वारा निर्मित मकान अथवा मकान निर्माण के लिए 6 लाख रूपये एक मुश्त राशि, यदि कोई विस्थापित परिवार प्लाट एवं मकान दोनों नही लेना चाहता है तो 8.50 लाख रुपये एक मुश्त राशि का भुगतान किया जावेगा।
कैटल शैड/छोटी दुकान हेतु अनुदान 75,000 रूपये एक मुश्त राशि दिया जायेगा। पुनर्वास कालोनी में विस्थापितों को कंपनी के आवंटन पत्र के आधार पर संबंधित तहसीलदार द्वारा विहित प्रारूप पर पट्टा जारी किया जावेगा। जिस पर विस्थापित व्यक्ति को भूमिस्वामी के समस्त अधिकार प्राप्त होगें एवं तहसीलदार के द्वारा जारी पट्टे के आधार पर नामान्तरण किया जा सकेगा। पट्टेदार भूमिस्वामी को विधि अनुसार भूमि के अन्तरण का अधिकार होगा।
इसी प्रकार, एक मुश्त राशि रूपये 60 हजार भी दी जायेगी। प्रत्येक विस्थापित महिला एवं पुरूष सदस्य जिसकी उम्र विस्थापन दिनांक को 60 वर्ष की हो चुकी है उन्हें प्रतिमाह 2000 रुपये की दर से वृद्धावस्था पेंशन का भुगतान आजीवन अथवा धिरौली कोल ब्लॉक बन्द होने तक दिया जावेगा (यह राशि कृषक श्रमिकों के सूचकांक के हिसाब से प्रतिवर्ष अप्रैल माह में सूचकांकन किया जायेगा)। कम्पनी द्वारा प्रतिमाह छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जावेगी जो कक्षा नर्सरी से 12 तक बालक- 700 रुपये प्रतिमाह एवं बालिका- 900 रुपये प्रतिमाह होगी।
पुनर्वास कालोनी में सर्वसुविधायुक्त 20 बेड का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित किया जायेगा। महुआ एवं तेन्दूपत्ता संग्रहण भत्ते के अंतर्गत न्यूनतम 500 कार्य दिवस, प्रचलित न्यूनतम कृषि मजदूरी दर से परिगणित राशि जो एक लाख रुपये से कम नही होगी, एक मुश्त देय होगी।
इसके अलावा, प्रत्येक विस्थापित परिवार के कम से कम एक सदस्य को परियोजना की आवश्यकता एवं योग्यतानुसार कम्पनी या फिर कंपनी द्वारा नियुक्त एमडीओ/संविदाकार में रोजगार/नौकरी उपलब्ध कराने मे प्राथमिकता दी जावेगी। परिवार के एक सदस्य को स्वरोजगार के लिए 6 लाख रुपये अनुदान राशि का एक मुश्त भुगतान या फिर 2800 रुपये ( यह राशि कृषक श्रमिकों के सूचकांक के हिसाब से प्रतिवर्ष अप्रैल माह में सूचकांकन किया जायेगा) प्रति माह वार्षिकी 20 वर्ष तक कम्पनी द्वारा दिया जायेगा।
अकुशल विस्थापितों के लिए नि:शुल्क औद्यौगिक एवं कम्प्यूटर प्रशिक्षण मान्यता प्राप्त संस्थाओं से आयोजित कराये जायेंगें, तथा प्रशिक्षित विस्थापितों को रोजगार देने में प्राथमिकता दी जायेगी । प्रशिक्षण के दौरान विस्थापित परिवार के प्रशिक्षण प्राप्त कर रहें एक सदस्य को 1000 रुपये प्रतिमाह की छात्रवृत्ति प्रदान की जावेगी। मुद्रांक एवं पंजीयन शुल्क में छूट के अंतर्गत परियोजना से प्रभावित/विस्थापित व्यक्तियों द्वारा विस्थापन होने के पश्चात यदि कृषि भूमि खरीदी जाती है तो विस्थापित परिवारों को कृषि भूमि खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु अधिग्रहण से प्रभावित क्षेत्रफल के बराबर क्रय की गई भूमि का मुद्रांक एवं पंजीयन शुल्क कम्पनी द्वारा देय होगा।
इसी प्रकार, हायर सेकेण्ड्री स्कूल भवन का निर्माण, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक भवन, हाट बाजार परिसर सार्वजनिक खेल का मैदान, शुद्ध पेयजल व्यवस्था, उचित मूल्य की दुकान, आंगनवाड़ी केन्द्र, मंदिर / मस्जिद / गिरिजाघर की स्थापना, सडक़, सडक़ विद्युत (स्ट्रीट लाईट), जल प्रवाह के लिए पक्की नालियां, श्मसान / कब्रिस्तान परिसर, शौंचालयों की व्यवस्था विशेष पैकेज में की गई है।