Maharashtra Politics: एनसीपी में बगावत के बीच महाराष्ट्र की सियासत से ही जुड़ी हुई एक और बड़ी ख़बर सामने आई हैं. सियासी हलचलों के बीच बीजेपी नेता और मध्य प्रदेश सह-प्रभारी पंकजा मुंडे के एक बयान से माहौल गरमा गया है.
दरअसल, राजनीति से ब्रेक लेते हुए पंकजा मुंडे ने कहा, 2019 से जो हमारे संबंध पर चर्चा चल रही है, उससे मैं थक गई हूं. मैं आज थोड़ा ब्रेक ले रही हूं. एक-दो महीने ब्रेक लेना चाहती हूं. मैं सोचना चाहती हूं कि राजनीति कहां जा रही हैं? देश को क्या मिल रहा है? लोग यही देख रहे हैं कौन किस पार्टी में जा रहा है. कौन मंत्री बन रहा है. जनता को क्या मिल रहा है? इसके बारे में मैं चिंतन करना चाहती हूं. मुझे जो करना है, मैं विचारधारा के आधार पर करूंगी, फ़िलहाल, मैं ब्रेक ले रही हूं.
पंकजा मुंडे के बयान से पहले महाराष्ट्र की सियासत में अफवाहों का बाजार इस बात को लेकर भी काफी गर्म था कि पंकजा मुंडे की मुलाकात राहुल गांधी और सोनिया गांधी से हुई है, अब वह कांग्रेस ज्वाइन करेंगी. हालांकि, आज उन्होंने इन अफवाहों पर विराम लगाते हुए कहा कि यह बात बिल्कुल गलत है. कभी भी मेरी मुलाकात उनसे नहीं हुई. यह मेरे करियर को खत्म करने की साजिश है. जो भी मेरे खिलाफ ये सब कर रहा है. मैं कानूनी कार्रवाई करूंगी.
फ़िलहाल, पंकजा मुंडे के राजनीति से ब्रेक वाले बयान ने बीजेपी की टेंशन बढ़ा दी हैं. अब इस पर बीजेपी नेता और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस की तरफ से सफाई सामने आई हैं. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एनसीपी के हमारे साथ आने के बाद सभी नेताओं को ये फैसला पसंद आया होगा, ऐसा नहीं है. पहले पंकजा मुंडे का एनसीपी से संघर्ष रहा है. पंकजा मुंडे बीजेपी की राष्ट्रीय नेता हैं, अब बीजेपी का राष्ट्रीय नेतृत्व उनसे बात करेंगा. पंकजा बीजेपी में है, आगे भी बीजेपी के लिए काम करेगी. हम लोग उनसे चर्चा करेंगे.
दरअसल, एनसीपी में बगावत के बाद अजित पवार गुट के आठ नेताओं ने शिंदे सरकार में मंत्री पद की शपथ ली. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें पंकजा मुंडे के चचेरे भाई धनंजय मुंडे भी शामिल हैं. शपथ ग्रहण के बाद से ही अटकलें शुरू हो गई थी कि धनंजय मुंडे के मंत्री बनने से पंकजा मुंडे नाराज हैं. जो अब डिप्टी सीएम के बयान से सच साबित होता दिखाई दें रहा हैं.