नई दिल्ली से पटना जा रही इंडिगो की फ्लाइट में एक महिला को हार्ट अटैक आ गया। राहत की बात ये रही कि उस फ्लाइट में सवार 4 डॉक्टरों ने सूझबूझ से महिला की जान बच गई। जिस समय महिला को हार्ट अटैक आया विमान को दिल्ली से उड़ान भरकर महज 35 मिनट की यात्रा करनी थी। फ्लाइट पटना में लैंड होने के बाद महिला को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि महिला की तबीयत अब स्थिर बताई जा रही है।
महिला के पति का कहना है कि उनकी पत्नी सुमन अग्रवाल को हाइपरटेंशन है। दोनों नागपुर से आ रहे थे। दिल्ली हवाईअड्डे से उड़ान भरने के 35 मिनट बाद उन्हें सीने में दर्द महसूस हुआ और वह सीट पर गिर पड़ीं। इसके बाद क्रू ने तुरंत विमान में सवार डॉक्टरों और नर्सों की मदद मांगी। उस समय फ्लाइट में चार डॉक्टर, मौजूद थे जिनमें से तीन सरकारी सेवा में थे, सभी मदद के लिए आगे आए और स्थिति को संभाला।
कम्युनिटी मेडिसिन के एमडी ने कहा कि महिला यात्री बेहोश हो गई थी और सदमे की स्थिति में थी। उनका ब्लड प्रेशर भी रिकॉर्ड नहीं किया गया था। उनके पास महिला की कोई मेडिकल हिस्ट्री भी नहीं थी। ऐसे में उन्होंने हाइपोग्लाइसीमिया से बचने के लिए एक एयरहोस्टेस को पानी में चीनी मिलाकर पीने को कहा। उन्होंने बताया कि फ्लाइट में ऑक्सीजन सिलेंडर समेत सभी जरूरी दवाएं मौजूद थीं जो समय पर काम आया।
वहीं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में पदस्थापित डॉ. डॉ. निकिता श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें ऑक्सीजन पर रखा गया था। हालांकि, जब नब्ज़ तेजी से टूट रही हों, तब इसे हवा में करना एक चुनौती थी, जबकि अस्पताल में भी इसे करना काफी मुश्किल होता है। इसके बाद उन्हें कुछ जरूरी दवाएं दी गईं। इसके बाद महिला को होश आया। उन्होंने कहा कि उन्हें सीने में दर्द हो रहा है। वहीं आर्मी हॉस्पिटल में में तैनात मल्लिकार्जुन और डॉ. आतिश ने भी महिला की जान बचाने में मदद की।
इसके बाद फ्लाइट के पायलटों ने पटना एटीसी से संपर्क किया और मेडिकल इमरजेंसी का हवाला देते हुए विमान की लैंडिंग कोप्राथमिकता देने की अपील की। विमान निर्धारित समय से 25 मिनट पहले एयरपोर्ट पर उतरा। एयरपोर्ट पर डॉक्टरों की एक टीम पहले से ही तैनात थी। पटना एयरपोर्ट पर उतरने के बाद महिला को तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है।