मध्यप्रदेश में भारी बारिश का दौर लगातार जारी है। प्रदेश की नर्मदा, शिप्रा, बेतवा, ताप्ती नदियां लबालब हैं, वहीं ओंकारेश्वर-हलाली डैम, तवा और इंदिरा सागर बांध ओवरफ्लो हैं। इधर धार में कारम नदी पर निर्माणाधीन डैम में दरार के बाद प्रशासन ने 13 गांवों को खाली करा लिया है। 

 

भारी बारिश से धार के धरमपुरी क्षेत्र में कारम नदी पर निर्माणाधीन डैम में दरार और कुछ हिस्से धसने की खबर सामने आई है। जिसके बाद प्रशासन ने आस पास के गावों को खाली करा लिया है। तो वहीं पुलिस ने लोगों को जल्द से जल्द घरों में ताला डाल सुरक्षित ऊचे स्थानों पर जानें की सलाह दी है।

 

खलघाट से इंदौर रोड आने जाने वालों को भी सतर्क रहने का आदेश दिया हैं। कहा जा रहा है कि मानपुर घाट के आगे और खलघाट के बीच में गुजरी ग्राम में कोरवा डैम की स्थिति काफ़ी गंभीर है। 

 

ताज़ा जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन कारम डेम में कल मिट्टी की दीवार में लीकेज होने के बाद लगातार बारिश से यह लीकेज और अधिक बढ़ गया है। जिसके बाद प्रशासनिक अमला अलर्ट पर आया और डेम के निचले इलाकों के 11 गांवों को खाली करवाया गया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा है।

 

वहीं इंदौर और भोपाल की एक्सपर्ट की टीम सहित प्रशासनिक अधिकारी और जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी मौके पर मौजूद है और डैम पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से डैम के आसपास से निकलने वाली सभी सड़कों पर आवागमन बंद कर दिया गया है और किसी को भी डेम के इलाके में नहीं जाने दिया जा रहा है।

 

भारी बारिश का अलर्ट-

दुसरी ओर शुक्रवार को इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग में भारी से अति भारी बारिश एक अलर्ट जारी किया है। नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान के काफ़ी करीब है। नर्मदापुरम, खंडवा, बैतूल, रायसेन, हरदा और धार के कई इलाकों में नर्मदा नदी किनारे रहने वालों को अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बुरहानपुर में ताप्ती खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी के सभी घाट डूबे हुए हैं।

प्रदेश में अगले 4 दिन तक तेज़ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। जबकि भोपाल और शहडोल में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है। बाकी जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

राजधानी भोपाल में बीते 40 घंटे से लगातार झमाझम बारिश हो रही है। शहर के कई निचले इलाके जलमग्न है। प्रदेश के करीब एक दर्जनों जिलों में कमोबेश ऐसे ही हालात हैं। भारी बारिश से आम जन परेशान हैं।