अमेरिका ने कहा है कि चीन को ईरानी तेल लेने से रोकेंगे। होर्मुज के रास्ते ईरानी तेल ले जा रहे चीनी जहाजों को जाने नहीं दिया जाएगा। वहीं, यूएस आर्मी ने मंगलवार को दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी के लिए उसने 10,000 से ज्यादा सैनिक और करीब 12 नेवल शिप तैनात किए हैं। नाकाबंदी के पहले 24 घंटों में कोई भी जहाज यह रास्ता पार नहीं कर पाया। 6 व्यापारिक जहाज आगे बढ़ रहे थे, वे अमेरिकी सेना के आदेश पर लौट गए।
यह कार्रवाई उन सभी जहाजों पर लागू है, जो ईरान के बंदरगाहों में जा रहे हैं या वहां से निकल रहे हैं, चाहे वे किसी भी देश के हों। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि मंगलवार को ईरान से जुड़े 4 जहाज इस रास्ते से गुजरने में सफल रहे।
इस बीच दूसरी तरफ अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में लेबनान और इजराइल के बीच सीजफायर पर पहले दौर की वार्ता हुई। यह सकारात्मक बताई गई और दोनों अगले दौर की बातचीत के लिए राजी हुए। हालांकि, दूसरे दौर की वार्ता का दिन या समय अभी तय नहीं है।
इधर अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कहा है कि ईरानी तेल की बिक्री के लिए दी गई अस्थायी छूट अब कुछ दिनों में खत्म हो जाएगी और इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। यूरोपीय देश युद्ध के बाद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य करने के लिए एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की योजना बना रहे हैं। खास बात यह है कि इस प्रस्तावित मिशन में अमेरिका को शामिल नहीं किया गया है।
लेबनान को 330 करोड़ की मदद
कनाडा ने लेबनान के लिए 40 मिलियन डॉलर (करीब 330 करोड़ रुपए) की मदद का ऐलान किया है। यह मदद अंतरराष्ट्रीय संगठनों के जरिए पहुंचाई जाएगी। वहीं हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने पिछले 24 घंटों में 34 सैन्य हमले किए हैं। संगठन के मुताबिक, इन हमलों में इजराइल की बस्तियों, सैनिक जमावड़ों और सैन्य वाहनों को निशाना बनाया गया।
पुराण डेस्क