20 अक्टूबर 1962 भारत चीन युद्ध शुरु, भारत के 1393 जवान हुए थे शहीद... रमेश शर्मा
जी हाँ । वह 20 अक्टूबर 1962 का ही दिन था जब चीन ने मैक मोहन रेखा पार भारत पर हमला बोला था । यह हमला लद्दाख और अक्साईचीन दोनों तरफ एक साथ बोला गया था। हालांकि अक्साईचीन में भारत की चौकी बनी थी जिसे चीन ने ध्वस्त कर दिया था । युद्ध 11 नवम्बर 1962 तक चला । हालांकि विधिवत् युद्ध विराम की घोषणा 20 नवम्बर को हुई। युद्ध में भारत को भारी नुकसान हुआ । भारत के 1383 जवान शहीद हुये, 1047 घायल हुये, 1996 लापता हुये उनमें भी अधिकाँश का कोई पता न चला । और 3966 को चीन ने बंदी बना लिया था । जबकि चीन के 722 सैनिक मारे गये और 1697 घायल हुये।
युद्ध लगभग 14000 फीट की ऊंचाई पर लड़ा गया। इसमें भारतीय सैनिकों को भारी कठिनाई हुई। हथियारों के अलावा रसद पहुँचाने में भी कठिनाई हुई। चीन का यह हमला यकायक न हुआ था । चीन ने पूरी तैयारी से किया था । चीन ने पहले भारतीय क्षेत्र में घूसकर सड़क बनाई। फिर 1959 में चीन ने तिब्बत पर कब्जा कर लिया । तिब्बत के दलाई लामा ने भारत में शरण ली । इसके बाद से ही मैक मोहन रेखा के आसपास चीन की सेना का जमावड़ा शुरू हो गया था। उसने ऊँचाई पर युद्ध का अभ्यास भी शुरू कर दिया था। यह तमाम खबरे भारत को मिल रहीं थी । लेकिन ऊपर से चीन भाई चारे की बात करता रहा । भारत उसके झांसे में आ गया। और हमले का दंश झेलना पड़ा। इस युद्ध में भारत के हाथ से विशाल भू भाग चला गया। जिस पर आज भी चीन का कब्जा है।