पनामा पेपर्स लीक मामले की जांच के लिए ऐश्वर्या राय बच्चन दिल्ली के ईडी कार्यालय पहुचीं. ईडी ने ऐश्वर्या को चल रही जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए तलब किया है. इससे पहले खबर आई थी कि ऐश्वर्या ने आज ईडी के सामने पेश होने से इनकार कर दिया था. हालांकि, ANI के मुताबिक, वह अब पूछताछ के लिए ईडी ऑफिस पहुंच गई है. सूत्रों के मुताबिक ईडी ने ऐश्वर्या राय से पूछे जाने वाले सवालों की एक लिस्ट तैयार की है. अभिषेक बच्चन से पिछले महीने इस मामले में पूछताछ की गई थी. पनामा पेपर्स की जांच में कई बड़े नाम शामिल हैं. जांच में बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन भी एक महीने पहले ईडी के दफ्तर पहुंचे थे, जहां उनसे पूछताछ की गई थी.
Delhi | Aishwarya Rai Bachchan appears before the Enforcement Directorate in the Panama Papers case
— ANI (@ANI) December 20, 2021
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन को पहले भी पनामा पेपर लीक मामले में पूछताछ के लिए नोटिस दिया था. ईडी 2016 से पनामा पेपर्स लीक की जांच कर रहा है. उन्होंने बच्चन परिवार को RBI की उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS) के तहत 2004 से उनके प्रेषण का विवरण प्रदान करने के लिए एक नोटिस जारी किया था. अधिकारियों ने कहा कि बच्चन परिवार से कथित अनियमितताओं के कई अन्य मामले संघीय जांच एजेंसी द्वारा जांच के दायरे में हैं. इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) ने पनामा की कानूनी फर्म मोज़ेक फोन्सेका से प्राप्त दस्तावेजों की जांच की है, जिसमें कई विश्व नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों के नामों का खुलासा हुआ है जिन्होंने विदेशों में पैसा जुटाया है. कहा जाता है कि उनमें से कुछ के विदेश में खाते हैं.
अमिताभ बच्चन बने 4 कंपनियों के डायरेक्टर !
दरअसल, 2016 में पनामा कानून का एक पेपर लीक हुआ था, जिसमें कई बड़े-बड़े बिजनेसमैन और फिल्म जगत से जुड़े लोगों के नाम थे. लीक हुए कागजात में भारत के करीब 500 लोगों के नाम थे. जिसमें बच्चन परिवार भी शामिल था. मिली जानकारी के मुताबिक अमिताभ बच्चन को 4 कंपनियों का डायरेक्टर बनाया गया था. ये कंपनियां अरबों का कारोबार करती हैं. ऐश्वर्या को एमिक पार्टनर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी का डायरेक्टर भी बनाया गया था.
सरकार के मुताबिक पनामा और पैराडाइज पेपर्स लीक में भारत से जुड़े 930 प्रतिष्ठानों के नाम हैं, जिनमें से भारत में करीब 500 लोग पनामा पेपर्स मामले में शामिल हैं. इन लोगों पर टैक्स चोरी का आरोप है. सरकार के मुताबिक पनामा और पैराडाइज पेपर्स लीक में 20,353 करोड़ रुपये के अघोषित कर्ज का खुलासा हुआ है. वहीं, पनामा और पैराडाइज पेपर लीक मामले में टैक्स के रूप में करीब 153.88 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है.
कई विदेशी खाते हुए बरामद :
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को बताया कि अंतर्राष्ट्रीय जांच दल (ICIJ) द्वारा उजागर किए गए मामलों की निरंतर जांच में 11,010 करोड़ रुपये से अधिक जमा किए गए हैं. अब तक कई अघोषित विदेशी खाते बरामद हुए हैं. उन्होंने कहा कि 4,164 करोड़ रुपये की अघोषित विदेशी संपत्ति से संबंधित 648 खुलासे काले धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर कानून, 2015 के तहत किए गए, जो 30 सितंबर, 2015 को समाप्त होने वाली तीन महीने की अनुपालन प्रणाली है. उन्होंने कहा कि पनामा और पैराडाइज पेपर लीक मामलों में भारत से जुड़ी 930 संस्थाओं के खिलाफ कुल 20,353 करोड़ रुपये की अघोषित जमा राशि पाई गई.
चौधरी ने कहा कि पनामा और पैराडाइज पेपर लीक मामले में अब तक 153.88 करोड़ रुपये का कर वसूला जा चुका है. इसके अलावा पनामा और पैराडाइज पेपर लीक के 52 मामले ब्लैक मनी एक्ट, 2015 के तहत दर्ज किए गए हैं. साथ ही 130 मामलों में काला धन कानून के तहत कार्रवाई शुरू की गई है.