चुनाव आयोग ने गुरुवार को एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जिसमें अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की बात हो रही है. चुनाव आयोग ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में सभी पार्टियों ने उनसे समय पर चुनाव कराने की मांग की है. यानी कोरोना के नए वेरियंट ओमिक्रोन की वजह से अब चुनाव रद्द नहीं होने की संभावना है. बता दें कि अगले साल की शुरुआत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. इनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर शामिल हैं. चुनाव आयोग की लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में सुशील चंद्रा को राजनीतिक दलों से मिले सुझावों से भी अवगत कराया गया. साथ ही अब वोटिंग समय में भी एक घंटे बड़ा दिया गया हैं.
Representatives of all political parties met us and told us that elections should be conducted on time following all COVID19 protocols: Chief Election Commissioner Sushil Chandra on 2022 UP Assembly elections pic.twitter.com/0xmDP9rwH1
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) December 30, 2021
राजनीतिक दलों से मिले यह सुझाव :
- कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए समय पर हो चुनाव, सभी दलों से की गई मांग .
- रैलियों की संख्या और रैलियों में लोगों की संख्या सीमित रहें.
- विकलांग और 80 वर्षीय मतदाताओं को घर से मतदान करने की अनुमति दी जानी चाहिए.
- उनकी अलग से पहचान करने वाली सूची जारी करने का अनुरोध किया.
चुनाव आयोग ने कहा कि कोरोना संकट को देखते हुए यूपी में मतदान केंद्रों की संख्या बढाई जाएगी, पहले एक बूथ पर 1500 वोट का इस्तेमाल होता था, जो अब 1200 कर दिए गए हैं.
VVPATs to be installed at all voting booths. Live webcasting facilities will be available at around 1 lakh voting booths to ensure transparency in election process: Chief Election Commissioner Sushil Chandra on upcoming Uttar Pradesh Assembly elections pic.twitter.com/rZIlefzFkb
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) December 30, 2021
चुनाव आयोग ने इन संशोधनों की घोषणा की :
- बुजुर्ग मतदाताओं के लिए घर से वोट करने की सुविधा.
- अन्य पहचान पत्र से भी वोट करने की सुविधा.
- सभी बूथों पर लगेगी ईवीएम.
- 400 मॉडल पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे, हर क्षेत्र में आदर्श मतदान केंद्र होगा.
- यूपी में बनाए जाएंगे 800 महिला मतदान केंद्र .
- वोटिंग का समय भी बढ़ाया जाएगा.
महिला मतदाताओं में वृद्धि :
मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने लखनऊ में अपनी प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि, 18-19 आयु वर्ग के नए मतदाताओं की संख्या पिछले चुनाव की तुलना में तीन गुना अधिक है. यहां अब 839 महिला मतदाताओं की जगह 868 मतदाता हैं. यानी पांच लाख महिला मतदाताओं की वृद्धि हुई हैं. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग का उद्देश्य स्वतंत्र, निष्पक्ष, सुरक्षित, प्रलोभन मुक्त, कालाधन मुक्त चुनाव कराना है. उन्होंने कहा कि अंतिम मतदाता सूची की घोषणा 5 जनवरी तक की जाएगी, लेकिन नामांकन के अंतिम दिन तक एक अतिरिक्त सूची बनाई जा सकती है.
61% voter turnout was recorded in 2017 UP assembly elections. In 2019 Lok Sabha elections, voter turnout in UP was 59%. It a matter of worry why voting percentage is less in the state where there is high political awareness among people: CEC Sushil Chandra pic.twitter.com/jhpCfvHMUT
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) December 30, 2021