प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में अधूरे निर्माण कार्य अब बंद होंगे


स्टोरी हाइलाइट्स

प्रमुख सचिव ने कहा है कि सबकी योजना, सबका विकास अभियान अंतर्गत कार्य योजना 2022 तैयार करने हेतु नोडल अधिकारी, फ्रंट लाईन वर्कर, फेसीलेटर नियुक्त कर ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर 15 जनवरी 2022 तक अपलोड की जाये।

भोपाल। प्रदेश की 22 हजार 812 ग्राम पंचायतों में 50 से लेकर 200 की संख्या में निर्माण कार्य अधूरे पड़े हुये हैं और कतिपय कार्य पूर्व के वर्षों के हैं जो अभी तक पूर्ण न होक प्रगतिरत हैं। इसलिये अब इन अधूरे निर्माण कार्यों को बंद किया जायेगा। इसके लिये राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिये हैं।

प्रमुख सचिव ने निर्देशों में यह भी कहा है कि योजना प्रमुखों के द्वारा जिलों में विकास कार्यों के निरीक्षण पर पाया गया है कि योजनाओं से बहुतायत संलग्न अधिकारी यथा परियोजना अधिकारी, कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री एवं उपयंत्रियों के द्वारा निर्माण कार्य स्थलों का प्रभावी निरीक्षण एवं भ्रमण नहीं किया जा रहा है और कतिपय कार्यों में शासकीय धनराशि एवं उपयोगी संरचनाओं का उपयोग सही तरीके से नहीं हो रहा है, जिससे अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं। इसलिये ये अधिकारी कार्य स्थलों को समय से व नियमित रुप से निरीक्षण एवं दौरा करें। साथ में ग्रामवासियों से चर्चा भी करें।

प्रमुख सचिव ने कहा है कि सबकी योजना, सबका विकास अभियान अंतर्गत कार्य योजना 2022 तैयार करने हेतु नोडल अधिकारी, फ्रंट लाईन वर्कर, फेसीलेटर नियुक्त कर ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर 15 जनवरी 2022 तक अपलोड की जाये।

प्रमुख सचिव ने निर्देशों में मध्यान्ह भोजन योजना के संबंध में कहा कि विगत वर्ष डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर की गई राशि 5 लाख विद्यार्थियों के खातों में त्रुटि होने होने के कारण पहुंच ही नहीं पाई है। इसलिये सभी खातों में सुधार किया जाये, ताकि इस बार पिछले वर्ष जैसी स्थिति नहीं बने।

इसके अलावा, सार्वधिक कम भूमिहीन हितग्राहियों को भूमि नहीं उपलब्ध कराने वाले दस जिलों यथा जबलपुर, बालाघाट, रीवा, मंदसौर, होशंगाबाद, सिवनी, नरसिंहपुर, कटनी, खण्डवा एवं भोपाल में यथाशीघ्र भूमिहीन हितग्राहियों को भूमि प्रदान कराई जाये और गूगलशीट में इसे दर्ज किया जाये। प्रमुख सचिव ने सभी जिलों में दो हजार या उससवे अधिक जनसंख्या वाले ग्रामों में डोर टु डोर कचरा संग्रहण कार्य प्रारंभ करने और सभी ग्रांम पंचायतों का वर्ष में दो बार समय सारिणी तैयार कर सामाजिक अंकेक्षण करने के भी निर्देश दिये।