मध्यप्रदेश: उपचुनाव में झोंकी पूरी ताकत कमलनाथ शिवराज में जोर आजमाइश, खंडवा बना हॉटस्पॉट...


स्टोरी हाइलाइट्स

उपचुनावों में प्रचार के लिए कल शाम तक का ही मौका, दिग्गजों ने मचाया शोर, उपचुनावों में लगाया जोर

उपचुनावों में प्रचार के लिए कल शाम तक का ही मौका, दिग्गजों ने मचाया शोर, उपचुनावों में लगाया जोर...

 

भोपाल: मप्र में उपचुनावों का जोर आज पूरे उफान पर है। खंडवा में रात्रि विश्राम के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह आज फिर इसी इलाके में दौड़-धूप कर रहे हैं। वे देवास के आसपास चुनाव सभाएं कर रहे हैं, शाम को वे फिर खंडवा लौटेंगे। कमलनाथ भी आज सुबह से खंडवा में हैं। इससे खंडवा का राजनीतिक महत्व साफ उभरकर आ गया है। कल शाम को चार चुनाव क्षेत्रों में प्रचार बंद हो जाएगा। उधर रैगांव पहुंचे गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के सामने निर्दलीय प्रत्याशी पुष्पेंद्र बागरी ने भाजपा की सदस्यता ले ली। वह यहां की भाजपा उम्मीदवार प्रतिमा बागरी के रिश्तेदार है।


भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वोडी शर्मा ने आज जोबट में गैर भाजपा दलों के नेताओं को भाजपा में आने का न्योता दिया है। शर्मा ने कहा कि जो भी भाजपा में आना चाहे उसका स्वागत है। कांग्रेस के जनप्रतिनिधि और नेता भी भाजपा की रीति-नीति और नेतृत्व पर विश्वास करके आ रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि भाजपा में रहकर वे सेवा भाव के कार्य कर सकते हैं। लिहाजा जो भी जनप्रतिनिधि समाज के लिए कुछ करने की इच्छा रखते हैं, ऐसे लोगों का भाजपा में स्वागत है। 


उधर कांग्रेस ने उपचुनाव को राज्य में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल मानकर लड़ने की रणनीति अपनाई है। इसके नतीजों की शिवराज सरकार के कामकाज के प्रति जनता का मत बताने की कोशिश की जा रही है। दोनों का फोकस खंडवा लोकसभा सीट पर है। यह बात भी साफ हो रही है कि बुनियादी मुद्दों की बजाए जातिगत समीकरण ही इन चुनावों में निर्णायक होंगे। इसे दुरुस्त करने के लिये भाजपा और कांग्रेस सोशल इंजीनियरिंग में लगी है। हालांकि भाजपा ने इसमें बाजी मारी है, ओबीसी नेता व कांग्रेस विधायक सचिन बिरला को अपने पक्ष में मोड़कर कांग्रेस को बैकफुट पर धकेलने की कोशिश की है।


चुनावी पौधा: खंडवा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने नियमित पौधरोपण अभियान के तहत शिवपुरम कॉलोनी में कदम का पौधा लगाया।


पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ खंडवा के मुंदी गांव में पिछले दिनों हुई एक तीन वर्षीय बालक की हुई हत्या की घटना पर शोकाकुल परिवार के बीच संवेदना व्यक्त करने पहुंचे।


किसान त्रस्त, खाद के लिए सड़क पर:


मप्र की तमाम राजनीतिक सरगर्मी चार क्षेत्रों में सिमट आने से बाकी इलाकों में किसानों का शोर खूब गूंज रहा है। किसान कई जिलों में खाद को लेकर आंदोलन कर रहे है। विदिशा, सिरोंज, अशोकनगर से लेकर भिंड तक किसान प्रशासनिक अफसरों को आड़े हाथ ले रहे हैं। 


मप्र कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज ट्वीट किया है आक्रोशित किसान, एक- एक बोरी के इंतजार में कई-कई दिनों से लाइन में पुलिस की मार खा रहा है, वहीं दूसरी तरफ खाद की कालाबाजारी जारी और किसानों को इस संकट में भगवान भरोसे छोड पूरी शिवराज सरकार चुनावी मे व्यस्त है|



पुराण डेस्क

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