नए साल 2022 के पहले दिन PM मोदी ने देश कों संबोधित किया. प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को बड़ा तोहफा भी दिया है. पीएम ने किसान सम्मान निधि योजना के तहत 10वीं किस्त का ऐलान किया है. प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों को 20,946 करोड़ रुपये का हस्तांतरण किया. इसके साथ ही पीएम ने लगभग 351 किसान उत्पादक संघों को 14 करोड़ रुपये से अधिक का इक्विटी अनुदान भी जारी किया, जिससे 1.24 लाख से अधिक किसानों को लाभ होगा. इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद थे.
Prime Minister Narendra Modi releases 10th installment of financial benefit under the Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi (PM-KISAN) scheme via video conferencing pic.twitter.com/BN08EyPoLu
— ANI (@ANI) January 1, 2022
पीएम किसान योजना न केवल सबसे कमजोर किसान परिवारों को पूरक आय सुनिश्चित करती है, बल्कि विशेष रूप से फसल के मौसम से पहले उनकी अन्य जरूरतों को भी पूरा करती है. इसके तहत हर किसान के खाते में 2000 रुपये भेजे जाते हैं. इसके तहत 20,946 करोड़ रुपये के हस्तांतरण से 10 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को लाभ होगा.
Releasing the 10th instalment under PM-KISAN scheme. https://t.co/KP8nOxD1Bb
— Narendra Modi (@narendramodi) January 1, 2022
साथ ही पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि, आज जब हम नव वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, तब बीते साल के अपने प्रयासों से प्रेरणा लेकर हमें नए संकल्पों की तरफ बढ़ना है. इस साल हम अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे करेंगे. ये समय देश के संकल्पों की एक नई जीवंत यात्रा शुरू करने का है, नए हौसले से आगे बढ़ने का है. कितने ही लोग देश के लिए अपना जीवन खपा रहे हैं, देश को बना रहे हैं. ये काम पहले भी करते थे, लेकिन इन्हें पहचान देने का काम अभी हुआ है. हर भारतीय की शक्ति आज सामूहिक रूप में परिवर्तित होकर देश के विकास को नई गति और नई ऊर्जा दे रही है.
आज हमारी अर्थव्यवस्था की विकास दर 8% से भी ज्यादा है. भारत में रिकॉर्ड विदेशी निवेश आया है. हमारा विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है. GST कलेक्शन में भी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त हुए हैं. निर्यात और विशेषकर कृषि के मामले में भी हमने नए प्रतिमान स्थापित किए हैं. 2021 में भारत ने करीब-करीब 70 लाख करोड़ रुपए का लेन-देन सिर्फ UPI से किया है. आज भारत में 50 हजार से ज्यादा स्टार्ट-अप्स काम कर रहे हैं. इनमें से 10 हजार से ज्यादा स्टार्ट्स अप्स तो पिछले 6 महीने में बने हैं. 2021 में भारत ने अपने सैनिक स्कूलों को बेटियों के लिए खोल दिया. 2021 में भारत ने नेशनल डिफेंस एकेडमी के द्वार भी महिलाओं के लिए खोल दिए . 2021 में भारत ने बेटियों की शादी की उम्र को 18 से बढ़ाकर 21 साल यानि बेटों के बराबर करने का भी प्रयास शुरू किया.
क्लाइमेट चेंज के खिलाफ विश्व का नेतृत्व करते हुए भारत ने 2070 तक नेट जीरो कार्बन एमिशन का भी लक्ष्य दुनिया के सामने रखा है. आज भारत हाइड्रोजन मिशन पर काम कर रहा है, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में lead ले रहा है. पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान देश में इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण की गति को नई धार देने वाला है. मेक इन इंडिया को नए आयाम देते हुए देश ने चिप निर्माण, सेमीकंडक्टर जैसे नए सेक्टर के लिए महत्वकांक्षी योजनाएं लागू की है. ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ राष्ट्र के लिए निरंतर प्रयास, आज हर भारतीय का मनोभाव बन रहा है. और इसलिए ही, आज हमारे प्रयासों में एकजुटता है, हमारे संकल्पों में सिद्धि की अधीरता है. आज हमारी नीतियों में निरंतरता है, हमारे निर्णयों में दूरदर्शिता है.
देश के छोटे किसानों के बढ़ते हुए सामर्थ्य को संगठित रूप देने में हमारे किसान उत्पाद संगठनों- FPO’s की बड़ी भूमिका है. जो छोटा किसान पहले अलग-थलग रहता था, उसके पास अब FPO के रूप में पाँच बड़ी शक्तियाँ हैं. पहली शक्ति है- बेहतर बार्गेनिंग, यानी मोलभाव की शक्ति. FPOs से जो दूसरी शक्ति किसानों को मिली है, वो है- बड़े स्तर पर व्यापार की. एक FPO के रूप में किसान संगठित होकर काम करते हैं, लिहाजा उनके लिए संभावनाएं भी बड़ी होती हैं. तीसरी ताकत है- इनोवेशन की. एक साथ कई किसान मिलते हैं, तो उनके अनुभव भी साथ में जुड़ते हैं. जानकारी बढ़ती है. नए नए इनोवेशन्स के लिए रास्ता खुलता है. FPO में चौथी शक्ति है- रिस्क मैनेजमेंट की. एक साथ मिलकर आप चुनौतियों का बेहतर आकलन भी कर सकते हैं, उससे निपटने के रास्ते भी बना सकते हैं. और पांचवीं शक्ति है- बाज़ार के हिसाब से बदलने की क्षमता. हमारी धरती को बंजर होने के बचाने का एक बड़ा तरीका है- केमिकल मुक्त खेती. इसलिए बीते वर्ष में देश ने एक और दूरदर्शी प्रयास शुरू किया है. ये प्रयास है- नैचुरल फ़ार्मिंग यानि प्राकृतिक खेती का.