पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में सेंध वाला मामला अब सुप्रीम कोर्ट पंहुच गया हैं। गुरुवार को पीएम मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन के अनुसार, पीएम ने राष्ट्रपति को सुरक्षा उल्लंघन का "फर्स्ट-हैंड" विवरण दिया। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की पंजाब यात्रा के दौरान सुरक्षा उल्लंघनों पर भी चिंता व्यक्त की। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। दूसरी ओर, भाजपा ने इस मुद्दे पर पंजाब की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। चरणजीत सिंह चन्नी सरकार ने मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। 

क्या पंजाब सरकार पर होगी बड़ी कार्रवाई ?

पीएम मोदी की राष्ट्रपति कोविंद से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है कि क्या केंद्र सरकार कोई बड़ा कदम उठाने जा रही है।  पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। पंजाब में विपक्षी ताकतों ने भी पीएम की सुरक्षा में कमी की कड़ी निंदा की है। हालांकि सीएम चन्नी ने आरोपों की जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार किया है। उन्होंने साफ किया कि पीएम मोदी को कोई खतरा नहीं है। 

सुरक्षा चूक का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट :

वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने पूरे मामले को लेकर चीफ जस्टिस एनवी रमन के पास शिकायत दर्ज कराई है। सिंह ने कहा कि यह पंजाब सरकार की बड़ी गलती है। प्रधान मंत्री का काफिला सड़क पर फंस गया था, जिससे सुरक्षा का उल्लंघन हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने सिंह से पूछा कि वह अदालत से क्या उम्मीद करते हैं। सिंह ने कहा कि उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसा दोबारा न हो और इसपर गहन जांच की जरूरत है। कोर्ट ने उनकी अर्जी पर संज्ञान लेते हुए कहा कि आवेदन की एक कॉपी आज केंद्र और पंजाब सरकार को भेजी जाए।